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मेरा पूरा फोकस छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक एवं स्वच्छ प्रशासन देने में : प्रवास सिंह बघेल

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। छात्र-छात्राओं को कक्षा 9वीं से ही टारगेट देने का प्र्रयास किया जा रहा है ताकि बच्चे कम्पटीटीव एग्जाम में फोकस करें। शिक्षकों को हमेशा मोटिवेट करते रहता हूं कि अपने कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी से करें, मुखर रहें क्योंकि हम एक पीढ़ी का निर्माण कर रहे हैं जो कि देश का भविष्य हैं। हम बच्चों  को स्वच्छ माहौल में रख सकें। इसका भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेरा पूरा फोकस छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक एवं स्वच्छ प्रशासन देने में है। यह सब बातें दुर्ग जिला शिक्षाधिकारी प्र्रवास सिंह बघेल ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कहीं। उन्होंने अपने अब तक के कार्यकाल को हमसे साझा किया।प्रवास सिंह बघेल का जन्म तथा उनकी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय प्राथमिक शाला बाघतराई (राजनांदगांव) में हुई। हाईस्कूल की शिक्षा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला डोंगरगढ़ में हुई। हायर सेकेण्डरी की शिक्षा सेंट पॉल स्कूल रायपुर में पूरी हुई। जब वह प्रथम वर्ष में थे इसी वक्त उनका चयन भारतीय वायुसेना में एयरमैन के पद पर 1982 में हो गया था।  जिसमें इनकी पोस्टिंग बेलगांव (कर्नाटक) में थी। एक वर्ष नौकरी करने के बाद वर्ष 1983 में इन्होंने एयर फोर्स से इस्तीफा देकर पुन: अध्यापन क्षेत्र में आ गए। वर्ष 1988 में उन्होंने रसायन शास्त्र में एमएसससी की डिग्री हासिल की और प्रावीण्य सूची में रहे। वर्ष 1988 में यह उच्च वर्ग शिक्षक के पद पर चयनित हुए। नवंबर 1990 में उच्च वर्ग शिक्षक से इस्तीफा देकर व्याख्याता के रुप में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल छपोरा (बिलासपुर) में ज्वाइन किए। 20 साल तक विभिन्न शालाओं के व्याख्याता के पद पर रहते हुए इन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से किया। वर्ष 2011 मे इनका प्रमोशन हुआ और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला बालोद में प्राचार्य के रुप में पदस्थ हुए। वर्ष 2012-16 तक पाटन में विकासखंड अधिकारी के पद पर पदस्थ रहे। वर्ष 2016-18 तक प्रभारी जिला शिक्षाधिकारी धमतरी रहे। वर्ष 2018-19 तक प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव रहे तथा फरवरी 2019 से दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।डीईओ श्री बघेल रसायन शास्त्र विषय के विशेषज्ञ के रुप में जाने जाते हैं। इनका पूरा फोकस छात्र-छात्राओं के एकेडमिक तथा स्वच्छ  प्रशासन देने में रहता है।नेशनल यूनिर्वसिटी आफ एजुकेशन एंड प्लानिंग, नई दिल्ली के सेमिनार में भाग लेने के लिए इन्हें 3 बार नामित किया जा चुका है।

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