रायपुर। बेंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) के अध्यक्ष अशोक चंडक सहित अन्य प्रतिनिधियों ने राउंड टेबल बैठक में हिस्सा लिया। जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेश अनुकूल वातावरण और बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर खुल रहे हैं।
आईईएसए अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर रुचि जताई और इस क्षेत्र में संभावित निवेश को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया।
बैठक में इंडस्ट्रियल क्लस्टर, स्किल डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
यह बैठक छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
गांव-गांव में जैविक उत्पादों का विस्तार, टेक्सटाइल उद्योग में निवेश करेगा Klene Paks: पर्यावरण के अनुकूल (बायोडिग्रेडेबल) उत्पाद बनाने वाली कंपनी Klene Paks ने छत्तीसगढ़ में अपने उद्योगों के विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी के प्रमुख विमल सिपानी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने की इच्छा जताई।
Klene Paks एक अग्रणी कंपनी है, जो ऐसे उत्पाद बनाती है जो पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और प्लास्टिक के बेहतर विकल्प के रूप में काम आते हैं। कंपनी के “बायोटिक” उत्पाद विशेष रूप से जैविक और प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले होते हैं, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। विमल सिपानी ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के गांवों में इस उद्योग को बढ़ाकर स्थानीय लोगों, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को रोजगार देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति पर्यावरण अनुकूल उद्योगों के लिए बेहद लाभदायक है, जिससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी इस पहल की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी सहायता प्रदान करेगी। इस निवेश से न केवल राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
















