रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह की बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि देवउठनी एकादशी का दिन शुभ और मंगलकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह की निद्रा से जागृत होते हैं। हिन्दुओं में इस दिन से सारे मांगलिक कार्यों की शुरूआत की जाती है। छत्तीसगढ़ में देवउठनी एकादशी का पर्व बहुत उत्साह और उमंग से मनाया जाता है। इस दिन भगवान शालिग्राम और देवी तुलसी का विवाह भी संपन्न किया जाता है। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की है कि एकादशी का त्यौहार सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए और सभी का जीवन मंगलमय हो।
महानदी महाआरती महोत्सव में होंगे शामिल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 12 नवम्बर को सक्ती जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल चन्द्रपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 4.20 बजे पुलिस मुख्यालय हेलीपेड नवा रायपुर से हेलीकॉप्टर से रवाना होकर शाम 5 बजे खेल मैदान नगर पंचायत चन्द्रपुर पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री शाम 6 बजे से 7.30 बजे तक मां चन्द्रहासिनी देवी मंदिर दर्शन एवं दरहाघाट चन्द्रपुर में मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव 2024 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय 7.30 बजे कार द्वारा रायगढ़ के लिए रवाना होंगे। जहां वे रात्रि 8 बजे रायगढ़ पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने संत नामदेव जयंती की दी शुभकामनाएं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को संत नामदेव जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि संत नामदेव महाराष्ट्र में कार्तिक एकादशी के दिन जन्म लेने वाले प्रसिद्ध संत-कवि हैं। भगवान विठोबा के अनन्य भक्त नामदेव जी का संपूर्ण जीवन भक्तिभाव से ओतप्रोत था। उन्होंने भक्तिगीतों की रचना की और हरिनाम को लोक सुलभ बनाकर उसका प्रचार किया। श्री साय ने कहा है कि संत नामदेव की भक्ति और समता के संदेश आज भी हम सभी का मार्गदर्शन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने महामना मदन मोहन मालवीय की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारतरत्न पंडित मदनमोहन मालवीय की 12 नवंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने मदन मोहन मालवीय जी के देश के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि मालवीय जी ने देश की आजादी और भारत माता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया। मालवीय जी महान शिक्षाविद, बेहतरीन वक्ता तथा राष्ट्रीय भावना एवं नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण देशभक्त थे।
उन्होंने भारत में शिक्षा के एक बड़े केन्द्र बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की है। उन्हें सम्मानपूर्वक महामना के नाम से जाना जाता है। हिन्दी भाषा के उत्थान में भी मालवीय जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। श्री साय ने कहा कि मालवीय जी ने जिस समर्पण की भावना और उदात्त विचारमूल्यों के साथ भारतमाता की सेवा की, वह हम सभी के लिए अनुकरणीय है।
















