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मुख्यमंत्री की पहल पर 12.34 करोड़ रुपए श्रम सम्मान राशि भुगतान हेतु आवंटित, 6100 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को होगा भुगतान

रायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने दैनिक वेतन भोगी संगठन के पदाधिकारियों से सौहाद्रपूर्ण माहौल में चर्चा के उपरांत उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करके, श्रम सम्मान राशि से वंचित श्रमिकों के लिए राशि आवंटन हेतु आश्वस्त किया था। संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के प्रति त्वरित कार्यवाही करने विभागीय मंत्री को निर्देश दिए थे।

वन मंत्री के निर्देश के परिपालन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख छत्तीसगढ़ द्वारा राशि रूपये 12.34 करोड़ श्रम सम्मान राशि भुगतान हेतु आवंटित कर दिये हैं। इसके पूर्व इसी वित्तीय वर्ष में राशि रूपये 09.21 करोड़ आवंटित की गई थी। वर्तमान में वन विभाग में सभी 6100 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्रतिमाह राशि 4 हजार रूपये की दर से श्रम सम्मान राशि का भुगतान किया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ श्रम सम्मान राशि से वंचित कर्मचारियों के लिए श्रम सम्मान राशि भुगतान करने की मांग वनमंत्री से विगत दिवस की थी। वनमंत्री केदार कश्यप की इस पहल से विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में हर्ष एवं खुशी का माहौल है।

विष्णु के सुशासन में तेजी से बदल रही गांव की तस्वीर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। विभिन्न विभागों की योजनाओं से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं और 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं।

जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित है। इस गांव में पंचायत की बैठकों में गांव की समस्याओं का समाधान नियमित रूप से किया जा रहा है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं।

आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण आहार का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पूरक पोषण आहार की व्यवस्था की गई है। सामाजिक सुरक्षा के लिए 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है। महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। विनोद राम ने बताया कि मनरेगा में गांव के लोग काम करने जाते हैं। गांव के लोगों का जॉब कार्ड बना है। मनरेगा में कार्य करके उनके परिवार के लोग मिलकर 28 हजार रूपए तक कमा लेते हैं, इससे घर परिवार अच्छी तरह से चल रहा है।

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