प्रधानमंत्री ने मौसम संबंधी अनुकूलता और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिए आईएमडी विज़न-2047 दस्तावेज भी जारी किया। इसमें मौसम पूर्वानुमान, मौसम प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन शमन की योजनाएं शामिल हैं…
नईदिल्ली (ए)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मिशन मौसम की शुरुआत की। इसका मकसद देश को ‘मौसम के प्रति तैयार और जलवायु के प्रति स्मार्ट’ राष्ट्र बनाना है। राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में सुबह करीब 10:30 बजे यह समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे विश्व बंधुत्व के लिए काफी अहम बताया है. मिशन मौसम लॉन्च करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग आज हमारे देश में आधुनिक साइंस और टेक्नोलॉजी की अहम पहचान बन चुका है. इस विभाग का दायित्व महज देश की सीमाओं के भीतर तक सीमित नहीं है. यह पूरे भारतीय उपमहाद्वीप और पूरी दुनिया में एक अहम सेतु बन चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे पड़ोस में जहां कहीं भी कोई आपदा आती है, तो भारत सबसे पहले मदद के लिए पहुंचता है. इससे विश्व में भारत को लेकर भरोसा भी बढ़ा है. दुनिया में विश्व बंधु के रूप में भारत की छवि पहले से और भी मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि IMD ने न केवल करोड़ों भारतीयों की सेवा की है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक यात्रा का भी प्रतीक बना है. उन्होंने कहा कि भारत एक क्लाइमेट स्मार्ट राष्ट्र बने, इसके लिए हमने मिशन मौसम भी लांच किया है. मिशन मौसम टिकाऊ भविष्य (sustainable future) और (भविष्य की तैयारी) future readiness को लेकर भारत की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मौसम संबंधी हमारी प्रगति के चलते हमारी आपदा प्रबंधन क्षमता पहले से और भी बेहतर हुई है, इसका लाभ पूरी दुनिया को मिल रहा है. आज हमारा आकस्मिक बाढ़ मार्गदर्शन सिस्टम नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को भी सूचनाएं दे रहा है. हमारे पड़ोस में कहीं कोई आपदा आती है, तो भारत सबसे पहले मदद के लिए उपस्थित होता है. मदद करने की वजह से भी आज भारत को लेकर पड़ोसी मुल्कों में भरोसा बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि IMD की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के लिए एक डाक टिकट और एक विशेष सिक्का भी जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि IMD ने युवाओं को 150 वर्षों की यात्रा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलंपियाड का भी आयोजन किया और हजारों छात्रों ने इसमें भाग लिया. इससे मौसम विज्ञान में उनकी रुचि और बढ़ेगी।
इस मिशन का लक्ष्य अत्याधुनिक मौसम निगरानी तकनीक और सिस्टम विकसित करके, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वायुमंडलीय अवलोकन, अगली पीढ़ी के रडार और उपग्रहों एवं उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटरों को कार्यान्वित करते हुए उच्च स्तरीय क्षमता को हासिल करना है। यह मौसम और जलवायु प्रक्रियाओं की समझ को बेहतर बनाने, वायु गुणवत्ता डेटा प्रदान करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा जो लंबे समय में मौसम प्रबंधन और हस्तक्षेप की रणनीति बनाने में सहायता प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में मौसम संबंधी अनुकूलता और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिए आईएमडी विजन-2047 दस्तावेज भी जारी किया। इसमें मौसम पूर्वानुमान, मौसम प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन शमन की योजनाएं शामिल हैं।
आईएमडी के 150वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, पिछले 150 वर्षों के दौरान आईएमडी की उपलब्धियों, भारत को जलवायु-अनुकूल बनाने में इसकी भूमिका तथा विभिन्न मौसम और जलवायु सेवाएं प्रदान करने में सरकारी संस्थानों द्वारा निभाई गई भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए कार्यक्रमों, गतिविधियों और कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की गई है।
















