चक्रवात मिचौंग के कारण हुई मूसलाधार बारिश से चेन्नई शहर के कई इलाकों और तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, डिंडीगुल और चेंगलपेट में अभी भी बाढ़ जैसे हालात हैं। इससे इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसके चलते यहां स्कूल-कॉलेज गुरुवार को भी बंद रहे…
नईदिल्ली (ए)। चक्रवाती तूफान मिचौंग की तबाही से जूझ रहे तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की मदद के लिए केंद्र सरकार ने हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीएमएफ) के तहत चेन्नई के लिए 561.29 करोड़ रुपये की लागत से पहला शहरी बाढ़ राहत प्रोजेक्ट मंजूर किया है। इस प्रोजेक्ट से चेन्नई को बाढ़ प्रतिरोधी बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा राज्य आपदा मोचन निधि की दूसरी किस्त के रूप में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपये की मदद दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तूफान से पीड़ितों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा कि चेन्नई शहर भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है और ये पिछले 8 वर्षों में तीसरी इस प्रकार की बाढ़ है। मेट्रो शहरों में अधिक वर्षा के कारण अचानक आने वाली बाढ़ की अधिक घटनाएं देखने को मिल रही हैं। पीएम मोदी ने प्रो-एक्टिव अप्रोच के तहत एनडीएमएफ के तहत चेन्नई के लिए 561.29 करोड़ रुपये की लागत से पहला शहरी बाढ़ राहत प्रोजेक्ट मंजूर किया है। इस ‘चेन्नई बेसिन परियोजना के लिए एकीकृत शहरी बाढ़ प्रबंधन गतिविधियां’ की राशि में 500 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है। इस प्रोजेक्ट से चेन्नई को बाढ़-प्रतिरोधी बनाने में मदद मिलेगी और शहरी बाढ़ प्रबंधन के लिए एक विस्तृत फ्रेमवर्क विकसित करने में मदद करने के लिए ये शहरी बाढ़ से राहत के प्रयासों की कड़ी में पहला कदम है।
तमिलनाडु और आंध्र के लिए दूसरी किस्त जारी
पीएम मोदी के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने भीषण चक्रवाती तूफान मिचौंग से प्रभावित तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) की दूसरी किस्त जारी की। इसके तहत सरकार ने केंद्रीय हिस्से के रूप में आंध्र को 493.60 करोड़ और तमिलनाडु को 450 करोड़ रुपये जारी किए। केंद्र दोनों राज्यों का समान राशि की पहली किस्त पहले ही जारी कर चुकी है।
चक्रवात मिचौंग के कारण हुई मूसलाधार बारिश से चेन्नई शहर के कई इलाकों और तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, डिंडीगुल और चेंगलपेट में अभी भी बाढ़ जैसे हालात हैं। इससे इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसके चलते यहां स्कूल-कॉलेज बृहस्पतिवार को भी बंद रहे। मौसम में सुधार को देखते हुए चेन्नई सेंट्रल (एमएमसी) स्टेशन से ईएमयू ट्रेन सेवा शुरू की गई। हालांकि कई इलाकों में अभी भी परिवहन सेवाएं ठप पड़ी हैं।















