भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस): महिलाये स्वस्थ रहे, सबल बने, अपने पैरों पर खड़े रहे इसके लिए वो अपना 101 प्रतिशत लगाये। महिला जब खुद स्वस्थ रहेंगी तब परिवार को स्वस्थ रखेंगी और परिवार की धुरी बनेगी। यह सब बातें सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में दुर्ग जिले में पदस्थ ट्रैफिक इस्पेक्टर भारती मरकाम ने कही।इस्पेक्टर भारती मरकाम मूलत: कांकेर जिले से है। इनकी प्रारम्भिक व हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा बालोद, सिवनी (मप्र), डौंडीलोहारा, बालाघाट (मप्र), जगदलपुर के शासकीय स्कुलो में पूरी हुई। वर्ष 1997 में इन्होंने गल्र्स कॉलेज कांकेर से आट्र्स में स्नातक किया। वर्ष 1999 में गल्र्स कॉलेज कांकेर से जोग्राफी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल किया। स्नातक की शिक्षा के दौरान यह कॉलेज प्रेसिडेंट भी रही। वर्ष 1999 के उप निरीक्षक भर्ती के पहले ही प्रयास में इनका चयन हो गया। वर्ष 2000 में सागर (मप्र) में ट्रेनिंग के पश्चात पीएसआई के रूप में धमतरी में इनकी पहली पोस्टिंग हुई। धमतरी में इन्होंने वर्ष 2001 से वर्ष 2007 तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान अर्जुनी, भखरा, कुरूद, मगरलोड थानों में थाना प्रभारी रही। वर्ष 2007 में इनका तबादला महासमुंद हुआ जहां इन्होंने 2012 तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान तुमगांव, बागबहारा, सांकरा थाना में थाना प्रभारी रही। वर्ष 12 में इनका स्थानान्तरण बलौदाबाजार हुआ जहां इन्होंने 2015 तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान सुहेला, धरसींवा थाना में थाना प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2015 से 2017 तक दुर्ग में पदस्थ रही जहां महिला थाना प्रभारी रही। वर्ष 2017 में इनका तबादला रायपुर हुआ जहां महिला थाना प्रभारी रही। सितम्बर 2019 से दुर्ग जिले में ट्रैफिक इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ है।खेलने, ड्राइंग और रीडिंग में विशेष रुचि रखने वाली भारती मारकर अपने पिता जी को अपना आदर्श मानती है। इनके पिता जी डिप्टी कलेक्टर के पद से रिटायर्ड हुए है। इनके पिताजी के अलग अलग जिलों में स्थान्तरण के कारण ही इनकी प्रारम्भिक व हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा कई स्कुलो में हुई थीं। इनकी बड़ी बहन सहायक आयुक्त के पद पर है और छोटी बहन बेटनारी डॉक्टर है। इनके पति भी पुलिस अफसर है।यह जहां भी पदस्थ रही क्राइम कम करने और कम से कम लॉ एन्ड आर्डर रहे, सभी को न्याय मिले इस उद्देश्य से काम करती है।









