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महिलाएं अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दे: आयुषी पांडेय

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस): महिलाये अपने बच्चों को शिक्षा जरूर देवे ताकि वो शिक्षा के माध्यम से अपना कैरियर बना सके और समाज मे खड़ा हो सके। जो शिक्षा नही दे पा रही है वो आंगनबाड़ी में संपर्क करे क्योंकि सरकार द्वारा बहुत सी योजनाएं चलाई जा रही है इसके लिए जगरूक करे। महिलाये अपने बच्चों को शिक्षा के साथ साथ संस्कार भी दे। यह बाते उदय कॉन्वेंट स्कूल, कुम्हारी की प्रिंसीपल आयुशी पाण्डेय ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही।

आयुषी पाण्डेय की प्रारंभिक और हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा कृष्णा पब्लिक स्कूल, भिलाई और विद्या ज्योति हायरसेकंडरी स्कूल, कुम्हारी में सम्पन्न हुई। वर्ष 2018 में इन्होंने रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एन्ड टेक्नोलॉजी, भिलाई से बीबीए पूरी किया। इंटरेस्ट एग्जाम क्वालीफाई कर मेरिट सूची पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से एमबीए के लिए चयनिय हुई और एमबीए में अध्यनरत है। पढ़ाई में शुरू से ही तेजतर्रार होने के कारण इन्होंने 9वीं क्लास से ही ट्यूशन पढऩा शुरू कर दिया था तब 4 बच्चों से ट्यूशन की शुरूआत की और एक कोचिंग क्लास बनाई जिसमे 25 गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देती है।सिंगिंग, लोगो के बीच रहना और समाजसेवा करने में विशेष रुचि रखने वाली आयुषी पाण्डेय को समाजसेवा की प्रेरणा इनकी माता रीता पाण्डेय से मिली। इनकी माता भी लम्बे समय से समाजसेवा से जुड़ी हुई है। स्कूल और कॉलेज के दिनों में इन्हें 100 मीटर दौड़, डिबेट, कबड्डी, टफ ऑफ वार और हैंडराइटिंग कम्पटीशन में पुरस्कार जीत चुकी है। ग्यारहवीं व बारहवीं में यह क्लास कैप्टन भी थी। इन्हें वर्ष 2018 में फ्यूचर दी यूथ इंडिया संस्था द्वारा समाजसेवा के लिए, वर्ष 2019 में शिक्षा के लिए छग गौरव शिक्षा सम्मना, वर्ष 2019 में निशुल्क प्रशिक्षण के लिए स्काउड गाइड द्वारा तथा दिल्ली में आयुर्वेद कार्यक्रम के तहत आयुर्वेद के विषय पर चर्चा के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा सम्मनित किया जा चुका है। हाल ही में कुम्हारी नगर पालिका चुनाव में इन्होंने भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर पार्षद चुनाव लड़ी लेकिन हार गई। चुनाव लडऩे के विषय पर इनका कहना है कि मेरा चुनाव लडऩे का उद्देश्य  यही था कि कोई भी काम करने के लिए पोस्ट के साथ साथ पावर की भी जरूरत होती है।

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