नईदिल्ली (ए)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ कर्ण सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। जम्मू कश्मीर के कांग्रेस नेता और पूर्व एमएलसी विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को सौंप दिया है। बता दें कि विक्रमादित्य सिंह तत्कालीन जम्मू-कश्मीर रियासत के महाराजा हरि सिंह के पोते हैं।
ट्वीट्स कर इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर मेरी स्थिति जो राष्ट्रीय हितों को दर्शाती है, वह कांग्रेस के साथ मेल नहीं खाती है। पार्टी जमीनी हकीकत से अलग है।”
आज अपने बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की भावनाओं और आकांक्षाओं को महसूस करने और समझने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी जमीनी हकीकत से बेखबर है और न केवल जम्मू-कश्मीर में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उभरते परिदृश्यों को बनाए रखने के लिए आवश्यक संगठनात्मक और अन्य परिवर्तन करने में असमर्थ है।
I hereby tender my resignation from the Indian National Congress.
My position on critical issues vis-à-vis Jammu & Kashmir which reflect national interests do not align with that of the Congress Party. @INCIndia remains disconnected with ground realities. @INCJammuKashmir pic.twitter.com/g5cACgNf9y
— Vikramaditya Singh (@vikramaditya_JK) March 22, 2022
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि 2018 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने कई मुद्दों या घटनाओं के समर्थन में खुलकर अपने विचार व्यक्त किए हैं जो कांग्रेस पार्टी के रुख से मेल नहीं खाते हैं। इसमें शामिल है; पीओजेके में बालाकोट हवाई हमले, जम्मू-कश्मीर में ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) का पुन: सशक्तिकरण, अनुच्छेद 370 और 35 ए को हटाना, लद्दाख यूटी का गठन, गुप्कर गठबंधन की निंदा और जम्मू-कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया/मसौदे के लिए समर्थन शामिल है।















