इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का भी जिक्र किया, जिनसे लता मंगेशकर गहरे रूप से प्रेरित थीं। पीएम मोदी ने कहा, “लता दीदी, जिन महान विभूतियों से प्रेरित थीं, उनमें वीर सावरकर भी एक हैं, जिन्हें वे ‘तात्या’ कहती थीं। उन्होंने वीर सावरकर के कई गीतों को अपने सुरों में पिरोया…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कर्यक्रम के 126वें एपिसोड को संबोधित किया। अपने संबोधन में बेटियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बेटियां हर जगह अपना परचम लहरा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के इस समय में हम शक्ति की उपासना करते हैं। हम नारी शक्ति का उत्सव मनाते हैं। बिजनेस से लेकर स्पोर्ट्स तक और एजुकेशन से लेकर साइंस तक, आप किसी भी क्षेत्र को लीजिए, देश की बेटियां हर जगह अपना परचम लहरा रही हैं। आज वे ऐसी चुनौतियों को भी पार कर रही हैं, जिनकी कल्पना तक मुश्किल है।
मन की बात कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने भारतीय नौसेना के दो अधिकारियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा से भी बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय नौसेना के इन दो बहादुर अधिकारियों ने नाविक सागर परिक्रमा के दौरान साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया है। मैं ‘मन की बात’ के श्रोताओं को इन दो बहादुर अधिकारियों से परिचित कराना चाहता हूं। एक का नाम लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और दूसरे का नाम लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा है।
खादी के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते 11 साल में खादी के प्रति देश के लोगों का आकर्षण बहुत बढ़ गया है। पिछले कुछ वर्षों में खादी की बिक्री में बहुत तेजी देखी गई है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि 2 अक्टूबर को कोई ना कोई खादी प्रोडक्ट जरूर खरीदें। उन्होंने आगे कहा, “गर्व से कहें -ये स्वदेशी हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती है और गांधी जी हमेशा स्वदेशी अपनाने पर जोर देते थे और खादी उनमें सबसे पहले थी। दुर्भाग्य से, आजादी के बाद खादी की लोकप्रियता कम होने लगी, लेकिन पिछले 11 सालों में देश में लोगों की खादी के प्रति रुचि काफी बढ़ी है। पिछले कुछ सालों में खादी की बिक्री में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। मैं आप सभी से 2 अक्टूबर को कोई खादी उत्पाद खरीदने की अपील करता हूं। गर्व से कहिए कि ये स्वदेशी हैं। इसे वोकल फॉर लोकल के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद भगत सिंह और ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर की जयंती पर उन्हें नमन किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 126वें एपिसोड को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने उन दोनों महान हस्तियों के योगदान को भी याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भगत सिंह को एक प्रेरणा पुंज बताते हुए कहा, “अमर शहीद भगत सिंह हर भारतवासी और खासकर युवाओं के लिए प्रेरणा पुंज हैं। निर्भीकता उनके स्वभाव में कूट-कूटकर भरी थी। देश के लिए फांसी के फंदे पर झूलने से पहले शहीद भगत सिंह ने अंग्रेजों को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि मैं चाहता हूं कि आप मुझसे और मेरे साथियों से युद्ध बंदी जैसा व्यवहार करें, इसलिए हमारी जान फांसी से नहीं, बल्कि गोली मारकर ली जाए।”
उन्होंने कहा, “यह उनके अदम्य साहस का प्रमाण है। शहीद भगत सिंह लोगों की पीड़ा के प्रति भी बहुत संवेदनशील थे और मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। मैं शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”
लता मंगेशकर की जयंती पर प्रधानमंत्री ने उनके संगीतमय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, “लता मंगेशकर की जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत में रुचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकर अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता है। उनके गीतों में वह सब कुछ है, जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। उन्होंने देशभक्ति के जो गीत गाए, उन्होंने लोगों को बहुत प्रेरित किया। भारत की संस्कृति से भी गहरा जुड़ाव था। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”
















