भिलाई। छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के समस्त पदाधिकारियों ने एक बैठक लेकर छत्तीसगढ़ सरकार का ध्यान आकर्षित किया है कि पूरी दुनिया में छठ पर्व का एक अलग ही महत्व देखा गया है जिसके लिए सरकार से विनम्र अपील करना चाहती है तथा ध्यान आकर्षित करना चाहती है कि उत्तर प्रदेश बिहार एवं झारखंड का महत्वपूर्ण त्यौहार छठ महापर्व पूरी दुनिया में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।
इस त्यौहार को एकता का प्रतीक के रूप में देखा जाता है हिंदू समाज के अलावा भी कई धर्म के लोग इस पवित्र त्यौहार को मानने लगे हैं भारत देश में जातीयता व धार्मिकता की कट्टरता को चरम सीमा से अलग रखते हुए पवित्र संगठन के साथ साथ आपसी प्रेम को दर्शाता है।
वहीं यह त्यौहार नदी व तालाबों के किनारे संगठनात्मक दृष्टिकोण से भी अपने आप में एक अलग महत्व रखता है । शुद्धता के प्रतीक को देखते हुए दिनांक 7 एवं 8 नवंबर को दो दिन मांस मदिरा दुकानों को खोलने पर प्रतिबंधित किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का व्यवधान पैदा ना हो सके।
इस बैठक में परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा, मुख्य संरक्षक संजय ओझा, उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, मुख्य सलाहकार निशीकांत शर्मा, महासचिव बीपी सिंह, कोषाध्यक्ष सुभाष शर्मा, सचिन मृत्युंजय भगत, युवा प्रदेश प्रभारी मनोज कुमार सिंह, सुभाष साव, सुभाष प्रसाद, मोतिलाल बैठा, सनोज चौधरी, नंदकिशोर सिंह, त्रिभुवन प्रसाद ,योगेंद्र पाठक, प्रेम प्रकाश मिश्रा, संतोष शाह, ओम प्रकाश शर्मा ,जेपी गुप्ता, सुभाष सिंह ,सीपी पांडे , शंभू नेता ,श्रीकांत पहलवान , भगवान पहलवान अरुण राय,अजय यादव, हरिंद्र यादव, राधेश्याम यादव ,मीडिया प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, अमित सोनी व बड़ी संख्या में प्रमुख सदस्य उपस्थित थे।
















