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भिलाई 03 में पीडीएस चावल की कालाबाजारी का बड़ा खेल, खाद्य नियंत्रक नहीं उठाते फोन, ना ही करते है रिप्लाई

भिलाई 03। गरीबों को मुफ्त में मिलने वाला पीडीएस चावल की कालाबाजारी रोकथाम के लिए राज्य सरकार लगातार कोशिश कर रही है लेकिन उसके बावजूद पुरानी भिलाई क्षेत्र में पीडीएस चावल का कालाबाजारी अपने चरम पर है। एक-दो नहीं कई बार पीडीएस चावल पकड़ा गया है उसके बाद भी खाद्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग रहा है। अगर भनक लग भी रहा है तो आखिर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। सवाल ये उठता है कि आखिर इन कलाबाजरियों को किसका संरक्षण है, आखिर इनका क्या सेटिंग है?

पूरा मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के सिरसा चौक है, जहां सूचना मिली कि ऑटो में पीडीएस का चावल भरकर परिवहन किया जा था। जानकारी मिलते ही कुछ पत्रकार न्यूज कवरेज के लिए वहां पहुंचे। पकड़े गए वाहन बजाज मैक्सिमा क्रमांक सीजी 07 सी क्यू 2058 में करीब 10 क्यूंटल चावल परिवहन किया जा रहा था।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब तबके के लोगों को चावल वितरण किया जाता है। लेकिन उसकी आड़ में चावल की कालाबाजारी करते हुए दलालों के माध्यम से चावल को राइस मिल तक पहुंचाई जा रही है।

ऑटो चालक ने बताया कि ये कालाबाजारी दलाल शिव शर्मा द्वारा किया जा रहा है, पप्पू के यहां से यह चावल लेकर उतई के सतगुरु राइस मिल ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुरानी भिलाई पुलिस भी सिरसा गेट मौके पर पहुंची और चावल तस्कर को को गाड़ी सहित थाने में ले गई। पूछताछ में पता चला कि दलाल शिव शर्मा का है जो इसके द्वारा पीडीएस चावल की कालाबाजारी लंबे समय से करने की बात सामने आई है।

वही इस मामले की जानकारी खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया को देने के लिए उनको कॉल किया गया लेकिन उन्होंने ना कॉल रिसीव किया और ना ही कॉल बैक किया। इसके पूर्व भी पुरानी भिलाई थाना के पीछे इसी ड्राइवर को दलाल शिव शर्मा के पीडीएस चावल को पकड़ा गया था, उस समय भी खाद्य नियंत्रक को उसकी जानकारी देने और उनका पक्ष जानने हेतु कई बार कॉल किया गया, उस समय भी उनकी भूमिका उदासीन रही। उसके बाद इसकी जानकारी दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह को दी गईं। तब उन्होंने कार्यवाही करने बात कही।

दुर्ग जिले के खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया द्वारा कॉल ना उठाना और ना ही रिप्लाई करना उन्हें कार्य के प्रति सोच को दर्शाता है। आखिर इन अधिकारियों को किसका संरक्षण है कि ये इतना गैरजिम्मेदार है जबकि उनसे ज्यादा सक्रिय दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह है, जो एक बार में कॉल रिसीव करते है और किसी कारण से कॉल रिसीव नहीं कर पाए तो कॉल बैक कर कॉल करनी वजह पूछते है।

ऐसा नहीं है कि पीडीएस दलाल शिव शर्मा द्वारा ऐसा पहली बार किया गया है, उसके द्वारा ऐसे कृत्य कई बार किए गए है लेकिन खाद्य विभाग की उदासीनता कुछ और ही इशारा कर रही है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में खाद्य विभाग और जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।

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