भिलाई 03। माह जुलाई,अगस्त के वेतन नहीं मिलने पर गुरुवार की सुबह नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा के कर्मचारियों का धैर्य जवाब दिया। दो-तीन माह से वेतन की बाट जोह रहे निगमकर्मियों ने गुरुवार की सुबह निगम कार्यालय खुलते ही निगम के परिसर के अंदर के मुख्यद्वार पर एक जुट होकर हड़ताल कर निगम आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
निगमकर्मी के नारेबाजी करने के दौरान ही निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत कार्यालय पहुंचे और सीधे अपने कक्ष में चले गए। इस दौरान भी निगमकर्मियों आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते किए साथ संपदा और अन्य विभाग के फाइलों में साइन करने के लिए पैसे लेने का अभी आरोप लगाया।
निगम आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कमिश्नर चोर है…कमिश्नर एक काम करो चुल्लूभर पानी में डूब मरो, निगम प्रशासन हाय हाय सहित कई नारे लगाकर जमकर प्रदर्शन किया और मुख्य गेट बंद कर दिया और गेट के सामने बैठ गए।
हड़तालकर्मियों ने बताया कि कर्मचारियों का जीपीएफ और सीपीएफ कई महीनों से जमा नहीं हुआ है, ये कर्मचारियों के बाल बच्चों का उनके बुढ़ापे का सहारा है वो पैसा भी यहां से काट दिया जा रहा है, एक चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी का पांच हजार से छह हजार रुपए महीना होता है, कहा जा रहा है पता नहीं है। पेमेंट स्लिप में लिख दिया जाता है और कह दिया जाता है कि आपके खाता में पैसा जमा कर दिया गया है। कुल रकम ढाई करोड़ रुपए होता है, तीन महीने से पूरे कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण कर्मचारियों को आक्रोशित हो गए, गेट बंद करके बैठ गए थे।
इसको भारतीय मजदूर संघ स्व.शासी. महासंघ पूर्व रूप से समर्थन करता है। कर्मचारियों के संघर्ष में सभी लोग शामिल है। हमारे बाल बच्चों का ढाई करोड़ रुपए कमीशन में खा दिए है नहीं आएगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। नगरीय निकाय मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक से निवेदन करेंगे कि आपके क्षेत्र के कर्मचारियों को तीन माह का वेतन नहीं मिला है, ढाई करोड़ रुपए कमीशन में खा दिए है, संचय निधि का पैसा उड़ा दिया है, लीज नवीनीकरण, संपदा विभाग की पूरी संपत्ति भ्रष्टाचार भेंट चढ़ा दिया, आयुक्त को यहां से हटाने के बाद ही निराकरण होगा, अगर जनता का भलाई चाह रहे है तो, आयुक्त पूर्ण रूप से भ्रष्ट है, एक एक फाइल का सर्वे करवा ले हर में कमीशन खोरी चला है।
ज्ञात हो कि भिलाई चरोदा निगम को माली हालत पिछले कई महीनों से खराब चल रही है, समय पर कर्मचारियों का वेतन नहीं हो रहा है वहीं क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरासना पड़ रहा है। ऐसे में आज निगम के कर्मचारी लामबंद होकर हड़ताल कर दिए।
दो माह के वेतन के अलावा अक्तूबर 2022 से किसी भी कर्मचारियों का एनपीएस और सीपीएफ तक जमा नहीं हुआ है। भिलाई चरोदा निगम में नियमित 145 कर्मचारी है जबकि प्लेसमेंट में 279 कर्मचारी कार्यरत है।
हड़ताल के दौरान लिंगेश्वर राव, विकास त्रिपाठी, संतोष सोनी, नरसिंह सपहा, गोवर्धन सोनी, रामवतार साहू, मुकेश रात्रे, श्याम सुंदर सिंह, डीकेश वर्मा, पंकज तिवारी, अभिलाषा श्रीवास्तव, अविनाश चंद्राकर, अरुणिमा दुबे, सरोजनी यदु, कल्याणी शर्मा, मनोज मैथिल, कुलदीप यादव, मुकेश यादव, चेतन देवांगन, चंद्रिका साहू, विक्रम यादव, आकाश टंडन, नेमीचंद साहू, मेघनाथ बंछोर, कृष्णा यादव, दीपक निषाद, पुराणिक साहू, दुष्यंत चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारी मौजूद रहे।
















