भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। कोरोना बीमारी के साथ साथ बहुत कुछ ज्ञान भी बाट रहा है। अगर किसी समाज को गुलाम बनाना हो तो उससे तीन सुविधाओं से वंचित कर दीजिए शिक्षा, चिकित्सा एवं रोजगार जैसे कुछ समाज के लोग षडयंत्र पूर्वक कुछ समाजों को तीनो सुविधाओं से सालों पहले वंचित किया था। वंचित समाजो ने हजारों सालों तक लड़ाइयां लड़ी थी तब जाकर उनको तीनो सुविधा मिल पाई थी । आज कोरोना तीनो सुविधाओ के ऊपर एक साथ अटैक कर दिया है ये तीनो सुविधाओं के विकास के लिए हम मतदान के माध्यम से अच्छे प्रतिनिधि को चुन कर लाते है ताकि समाज का भला हो सके, आज चिकित्सा के क्षेत्र में सुविधा का पोल खोल रहा है जिसमें अनेकों प्रकार के चिकित्सा के नाम से भ्रष्टाचार हो रहे है। दूसरा देश मे शिक्षा का व्यापारीकरण हो चुका है सरकारी स्कूल गरीबों के लिए, प्राइवेट स्कूल पूंजीपतियों के लिए। शिक्षा का दोगली नीति सरकार के द्वारा चलाई जा रही है, कोरोना का तीसरा कहर रोजगार के ऊपर हुआ है जिससे लोग काम धंधा छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए घरों में कैद हो गए हैं। एक बीमारी ने आदमी को नपुंसक बना दिया है, हम पहले से ही शिक्षा, चिकित्सा एवं रोजगार के क्षेत्र ध्यान सेक्टर 9 हॉस्पिटल के ऊपर ले जाना चाहूंगा एशिया का सबसे बड़ा प्लांट भिलाई में है। पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र भिलाई, चिकित्सा के क्षेत्र में सेक्टर 9 हॉस्पिटल आज अपनी बदहाली पर रो रहा है जो बीएसपी प्लांट के देख रेख में है, भिलाई के लोगों को कोरोना बीमारी समझा दिया है सबसे ज्यादा मौतें आज भिलाई में देखने को मिल रहा है, आज जरूरत है सेक्टर 9 हॉस्पिटल को बचाने की । एक समय था जब छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश के साथ साथ प्रदेश के इर्द-गिर्द राज्यों का भी इलाज सेक्टर 9 हॉस्पिटल में बहुत ही ईमानदारी से होता था जहाँ देश के जाने माने डॉक्टर का टीम काम करती थी तथा डॉक्टर भी गर्व महसूस करते थे। भिलाई के लोगों से क्या गलती हुई जिसके चलते इसे बीमार किया गया है। सरकारी महकमे को खत्म करना देश मे एक बहुत बड़ा षड्यंत्र चल रहा है जिसे हम सभी अनजान है हर सरकारी व्यवस्था को बर्बाद कर निजीकरण करना चाहे शिक्षा हो, चिकित्सा हो या रोजगार। आखिर सरकार की क्या मनसा है हमे चिंतन करने की जरूरत है, हम भिलाई के सभी सामाजिक संगठनों से निवेदन करना चाहते हैं की आप सभी लोग इस हॉस्पिटल को बचाने का प्रयास करें हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, केबिनेट मंत्री गुरु रुद्र कुमार,लोक सभा सांसद विजय बघेल, राज्य सभा सांसद डॉ सरोज पाण्डेय एवं विधायक देवेन्द्र यादव, अरुण बोरा जो हमारे दुर्ग जिले से हैं हमारा बहुत बड़ा सौभाग्य है कृपया आप ध्यान दें इस हॉस्पिटल को बचाइए। आज कोरोना सबसे ज्यादा गरीबों के ऊपर कहर बरपा रहा है, हॉस्पिटलों के अनाप-शनाप खर्चे समझ में नहीं आता कि जब कोरोना का इलाज कुछ है ही नहीं तो दो से पांच लाख यूं ही हॉस्पिटल के मैनेजमेंट मरीजों से निकाल ले रहे हैं जैसे पानी का पैसा लोगों के घरों में रखा हुआ है। सेक्टर 9 हॉस्पिटल में बड़े-बड़े डॉक्टर यहां पर आने के लिए लालायित रहा करते थे। सेक्टर 9 हॉस्पिटल का सर्टिफिकेट जिस डॉक्टर को मिल जाता था उसका सीना चौड़ा हो जाता था और कहीं पर भी बोर्ड लगाकर अपनी प्रचार-प्रसार में अपना नाम बहुत ही सुंदर ढंग से लिखता था भूतपूर्व सेक्टर 9 हॉस्पिटल। आइए हम सभी लोग मिलकर सेक्टर9 हॉस्पिटल को बचावें। दूसरा शिक्षा के क्षेत्र में मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करना चाहता हूं कि आप सरकारी स्कूलों में विशेष ध्यान देने की कृपा करें क्योंकि आज प्राइवेट स्कूलों में जो फीस ली जाती है हर साल पुस्तक बदल दी जाती है उतना खर्च गरीब आदमी नहीं कर सकता इसलिए सरकारी स्कूल को बंद करने का जो षड्यंत्र चल रहा है, आप बचाइए ताकि गरीब से गरीब आदमी का बच्चा भी डॉक्टर इंजीनियर और एसपी, कलेक्टर बन सके। आज के परिवेश में अमीर औऱ अमीर होते जा रहा है गरीब और गरीब, कोरोना रोजगार के ऊपर इतना कहर बरपाया है कि लोग खाने खाने कामोहताज हो रहे हैं, जैसे लोगों को भूखे मारने का षड्यंत्र कोरोना ने किया हो यह बीमारी आदमी के अंदर दूरी बना दिया है जिसके चलते लोग घरों में कैद होकर बेरोजगार है, कोरोना को मात देने के लिए मनुष्य एक दूसरे से दूरी बनाकर कोरोना से जंग लड़ रहा है मनुष्य और कोरोना की लड़ाई एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी जा रही है। इतिहास के पन्नों में इस लड़ाई को हमेशा याद किया जाएगा। दोस्तों अब जरूरत है शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के क्षेत्र में लड़ाई लडऩे की, आइए हम सभी लोग मिलकर इस लड़ाई को ईमानदारी के साथ लड़े ताकि “सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे भवंतु निरामया” का नारा देते हुए हम भिलाई को उस ऊंचाई पर लेकर जाएं जिसमें गरीब से लेकर अमीर तक का भला हो सके।














