”हमारे पर आरोप लगते हैं कि हम राज्य सरकार को परेशान कर रहे हैं, लेकिन इतिहास उठा कर देख लिजिए कि वे कौन सी पार्टी थी जिन्होंने अनुच्छेद 356 का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया, इन्होंने कुल 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया. इसमें से सिर्फ इंदिरा गांधी ने आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 9 फरवरी को राज्यसभा में समूचे विपक्ष पर निशाना साधा. वो सदन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर हो रही चर्चा का जवाब दे रहे थे. इस दौरान विपक्ष दलों की नारेबाजी को लेकर पीएम मोदी ने छाती ठोंकते हुए दावा किया कि वो अकेले ही काफी हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में भाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाजी पर छाती ठोंकते हुए कहा, ‘भारत के सपने पूरे करने के लिए हम संकल्प लेकर चल रहे हैं. देश देख रहा है कि एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है. नारे बोलने के लिए भी इनको साथ होना पड़ रहा है. मैं घंटे भर से बोल रहा हूं. देश के लिए जीता हूं और मरता हूं.”
‘हौसला नहीं है’ पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजनीतिक खेल वाले लोगों के पास हौसला नहीं है. इस कारण बचने का रास्ता खोज रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि 60 साल कांग्रेस के परिवार ने गड्ढे ही गड्ढे कर दिए थे. जब वो गड्ढे खोद रहे थे, 6 दशक बर्बाद कर चुके थे. तब दुनिया के छोटे-छोटे देश भी सफलता के शिखरों को छू रहे थे।
क्या दावा किया? पीएम मोदी ने दावा किया कि इनकी राजनीति, अर्थ नीति और समाज नीति वोटबैंक के आधार पर ही चलती थी, लेकिन हमने रेहड़ी-ठेले पटरी वालों की चिंता की. पीएम स्वनिधि और पीएम विकास योजना के जरिए हमने समाज के एक बड़े वर्ग का सामर्थ्य बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने सबसे अधिक संविधान के अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया. दरअसल, गैर बीजेपी शासित राज्य की सरकारें लगातार केंद्र पर ईडी और सीबीआई के सहारे परेशान करने का आरोप लगाती रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा, ”हमारे पर आरोप लगते हैं कि हम राज्य सरकार को परेशान कर रहे हैं, लेकिन इतिहास उठा कर देख लिजिए कि वे कौन सी पार्टी थी जिन्होंने अनुच्छेद 356 का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया. इन्होंने कुल 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया. इसमें से सिर्फ इंदिरा गांधी ने आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया.
‘सुन लीजिए’ पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि केरल में जो लोग इनके साथ खडे़ हैं. वो सुन लीजिए कि राज्य में वामपंथी सरकार चुनी गई थी, जिसे पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे. कुछ ही समय बाद चुनी हुई पहली सरकार को घर भेज दिया गया. डीएमके के दोस्तों सुन लो कि तमिनलाडु में एमजीआर और करुणानिधि की सरकार को भी कांग्रेस ने ही बर्खास्त कर दिया. एमजीआर की आत्मा देखती होगी कि आप कहां खड़े हो।
शरद पवार को क्यों किया जिक्र पीएम नरेंद्र मोदी ने शरद पवार का जिक्र करते हुए कहा कि उनको मैं काफी आदरणीय मानता हूं. उनकी सरकार 1980 में गिरा दी गई और आज वो किधर हैं. हर क्षेत्रीय नेता को उन्होंने (कांग्रेस) परेशान किया. यह कांग्रेस की राजनीति का स्तर है. गवर्नरों के ऑफिस को कांग्रेस के ऑफिस में बदल दिया गया।
शायराना अंदाज में दिया जवाब इस दौरान पीएम ने शायराना अंदाज में विपक्ष को जवाब दिया. पीएम ने कहा, “माननीय सदस्यों को मैं कहूंगा कि ‘कीचड़ उसके पास था मेरे पास गुलाल… जो भी जिसके पास था उसने दिया उछाल’. जितना कीचड़ उछालोगे कमल उतना ज़्यादा खिलेगा।”
खरगे का किया जिक्र पीएम मोदी ने आगे कहा, कल खरगे जी शिकायत कर रहे थे कि मोदी जी बार-बार मेरे चुनावी क्षेत्र में आते हैं. मैं उन्हें कहना चाहता हूं मैं आता हूं वह तो आपने देखा लेकिन आप यह भी देखें कि वहां 1 करोड़ 70 लाख जनधन बैंक अकाउंट खुले हैं. सिर्फ कलबुर्गी में ही 8 लाख से ज़्यादा जनधन खाते खुले हैं। इसे देखकर उनकी (मल्लिकार्जुन खरगे) पीड़ा मैं समझ सकता हूं. आप दलित की बात करते हैं यह भी देखें कि उसी जगह दलित को चुनाव में जीत भी मिली. अब आपको जनता ही नकार दे रही है तो आप उसका रोना यहां रो रहे हैं।
कांग्रेस ने किए गड्ढे जनधन, आधार और मोबाइल, ये वो त्रिशक्ति है, जिससे पिछले कुछ वर्षों में 27 लाख करोड़ रुपये DBT के माध्यम से सीधा हितधारकों के खातों में गए हैं. इससे 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक रुपया, जो किसी इको-सिस्टम के हाथों में जा सकता था वो बच गया. पीएम ने कहा, अब जिनको ये पैसा नहीं मिल पाया, उनका चिल्लाना स्वाभाविक है। 60 साल कांग्रेस के परिवार ने गड्ढे ही गड्ढे कर दिए थे. हो सकता है उनका इरादा न हो, लेकिन उन्होंने किए. जब वो गड्ढे खोद रहे थे, 6 दशक बर्बाद कर चुके थे. तब दुनिया के छोटे-छोटे देश भी सफलता के शिखरों को छू रहे थे।
पीएम मोदी ने कहा, विकास की गति क्या है, नीयत क्या है, दिशा क्या है, परिणाम क्या है, यह बहुत मायने रखता है. हम जनता की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के आधार पर मेहनत और परिश्रम कर रहे हैं. दिन-रात खुद को खपाना पड़ेगा तो खपाएंगे, लेकिन देश की आशाओं को चोट नहीं पहुंचने देंगे.
साजिशों से बाज नहीं आ रही कांग्रेस हम देश को विकास का एक ऐसा मॉडल दे रहे हैं जिसमें हित धारकों को उसके सभी अधिकार मिलें. देश बार-बार कांग्रेस को नकार रहा है लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस अपनी साजिशों से बाज नहीं आ रही है. जनता न केवल उनको देख रही है बल्कि सजा भी दे रही है।
राज्यसभा में पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा कि, “कुछ लोगों को सरकार योजनाओं के नामों में संस्कृत शब्दों से दिक्कत थी. मैंने रिपोर्ट में पढ़ा कि 600 सरकारी योजनाएं गांधी-नेहरू परिवार के नाम पर थीं फिर भी नेहरू जी का नाम क्यों नहीं लिया जाता. किसी कार्यक्रम में अगर नेहरू जी के नाम का जिक्र नहीं किया जाता है तो कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं. लहू गर्म हो जाता है कि नेहरू जी का नाम क्यों नही लिया गया।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, “मुझे बहुत आश्चर्य होता है कि चलो भाई मुझसे कभी छूट जाता होगा नेहरू जी का नाम. हम इसे ठीक भी कर लेंगे क्योंकि देश के पहले प्रधानमंत्री थे, लेकिन मुझे समझ नहीं आता है कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों है? नेहरू सरनेम रखने से शर्मिंदगी क्यों है. नेहरू सरनेम रखने से क्या शर्मिंदगी है? इतना बड़ा महान व्यक्तित्व…आपको मंजूर नहीं है…परिवार को मंजूर नहीं है और आप हमारा हिसाब मांगते हो।”
“देश किसी परिवार की जागीर नहीं” उन्होंने कहा कि, “यह सदियों पुराना देश, जन-जन की पीढ़ियों की परंपरा से बना हुआ है, यह देश किसी परिवार की जागीर नहीं है.” पीएम ने कहा कि, “किस पार्टी और सत्ता में बैठे लोगों ने अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया? 90 बार चुनी हुई सरकारें गिराई गईं, कौन थे वो लोग? एक प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 356 का 50 बार उपयोग किया और वह नाम है इंदिरा गांधी. केरल में साम्यवादी सरकार चुनी गई जिसे पंडित नेहरू ने पसंद नहीं किया और उसे गिरा दिया गया.”
“ये विज्ञान और तकनीक विरोधी लोग” कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए पीएम ने कहा कि, “ये विज्ञान और तकनीक के विरोधी भी हैं. ये हमारे वैज्ञानिकों को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. इनको देश की चिंता नहीं है, इनको अपनी राजनीतिक उठा-पटक की चिंता है. डिजिटल लेनदेन में देश आज दुनिया का लीडर बना हुआ है. डिजिटल इंडिया की सफलता ने आज पूरी दुनिया को प्रभावित किया है।”
राष्ट्रपति और वित्त मंत्री का किया जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि, “इस बजट सत्र के लिए यह गर्व की बात है कि इसका प्रारंभ महिला राष्ट्रपति की ओर से होता है और विधिवत प्रारंभ महिला वित्त मंत्री की ओर से होता है. देश में ऐसा संयोग कभी नहीं आया और हमारा प्रयास रहेगा कि ऐसे सुअवसर आगे भी देखने को मिलें।”
जानिए पीएम के संबोधन की 10 बड़ी बातें…
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना शुरू किया तो विपक्षी सदस्यों ने “मोदी-अडानी भाई-भाई” के नारे लगाने शुरू कर दिए. पूरे भाषण के दौरान विपक्ष सरकार और पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी करता रहा. पीएम मोदी ने जोशीले अंदाज में इस नारेबाजी पर भी पलटवार किया और कहा कि देश देख रहा है कि कैसे एक व्यक्ति कइयों पर भारी पड़ा रहा है और डटकर सामना कर रहा है. उनके (विपक्षी दलों के) पास पर्याप्त नारे नहीं हैं और उन्हें अपने नारे बदलने होंगे. मैं देश के लिए जी रहा हूं।
2. सदन में पीएम का शायराना अंदाज भी देखने को मिला. उन्होंने कहा कि बीते दशकों में अनेक बुद्धिजीवियों ने इस सदन से देश को दिशा दी है, देश का मार्गदर्शन किया है. इस देश में जो भी बात होती है उसे देश बहुत गंभीरता से सुनता है. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों का व्यवहार और वाणी न केवल सदन बल्कि देश को निराश करने वाली है. शायराना अंदाज में पीएम ने कहा कि इस प्रकार की वृत्ति वालों को मैं यही कहूंगा- ‘कीचड़ उसके पास था, मेरे पास गुलाल, जो भी जिसके पास था उसने दिया उछाल…’- आप जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही खिलेगा।
3. कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खरगे जी के दावे के अनुसार कांग्रेस का नींव बनाने का इरादा हो सकता है, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान केवल गड्ढों को खोदा. 60 साल कांग्रेस के परिवार ने गड्ढे ही गड्ढे कर दिए थे. हो सकता है उनका इरादा न हो, लेकिन उन्होंने ऐसा किया. जब वो गड्ढे खोद रहे थे, 6 दशक बर्बाद कर चुके थे, तब दुनिया के छोटे-छोटे देश भी सफलता के शिखरों को छू रहे थे।
4. पीएम मोदी ने आगे कहा कि उन्होंने बैंकों का एकीकरण इस इरादे से किया था कि गरीबों को बैंकों का अधिकार मिले, लेकिन इस देश के आधे से अधिक लोग बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुंच पाए थे. हमने स्थायी हल निकालते हुए जन-धन बैंक खाते खोले. इसके जरिए देश के गांव तक को प्रगति पर ले जाने का काम हुआ है. पीएम ने कहा कि 90,000 स्टार्टअप ने लोगों के लिए नौकरी के अवसर खोले हैं. अप्रैल से नवंबर 2022 तक, एक करोड़ से अधिक लोगों ने ईपीएफओ पेरोल के तहत नामांकन किया है. बीते 9 सालों में अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है और नए सेक्टर में रोजगार की नई संभावनाएं बनी हैं।
5. कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खरगे जी शिकायत करते हैं कि मैं कालाबुरगी जाता हूं. उन्हें वहां के काम को देखना चाहिए. कर्नाटक में कालाबुरगी में 8 लाख से अधिक खातों सहित 1.70 करोड़ जन धन बैंक खाते खोले गए हैं. इतने सारे लोग सशक्त हो रहे हैं, किसी का खाता बंद हो रहा है, मैं दर्द समझ सकता हूं. देश बार-बार कांग्रेस को नकार रहा है, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस अपनी साजिशों से बाज नहीं आ रही है. जनता न केवल उनको देख रही है बल्कि सजा भी दे रही है।
5. कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खरगे जी शिकायत करते हैं कि मैं कालाबुरगी जाता हूं. उन्हें वहां के काम को देखना चाहिए. कर्नाटक में कालाबुरगी में 8 लाख से अधिक खातों सहित 1.70 करोड़ जन धन बैंक खाते खोले गए हैं. इतने सारे लोग सशक्त हो रहे हैं, किसी का खाता बंद हो रहा है, मैं दर्द समझ सकता हूं. देश बार-बार कांग्रेस को नकार रहा है, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस अपनी साजिशों से बाज नहीं आ रही है. जनता न केवल उनको देख रही है बल्कि सजा भी दे रही है।
6. पीएम मोदी ने आगे कहा कि जनधन, आधार और मोबाइल- ये वो त्रिशक्ति हैं, जिससे पिछले कुछ वर्षों में 27 लाख करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से सीधा हितधारकों के खातों में गए हैं. इससे 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक रुपया जो किसी इको-सिस्टम के हाथों में जा सकता था वो बच गया. अब जिनको ये पैसा नहीं मिल पाया, उनका चिल्लाना स्वाभाविक है. पीएम ने कहा कि इनकी राजनीति, अर्थ नीति और समाज नीति वोटबैंक के आधार पर ही चलती थी, लेकिन हमने रेहड़ी-ठेले पटरी वालों की चिंता की. पीएम-स्वनिधि और पीएम-विकास योजना के जरिए हमने समाज के एक बड़े वर्ग का सामर्थ्य बढ़ाने का काम किया है।
7. सच्ची धर्मनिरपेक्षता को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि विकास की गति क्या है, नीयत क्या है, दिशा क्या है, परिणाम क्या है, यह बहुत मायने रखता है. हम जनता की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के आधार पर मेहनत और परिश्रम कर रहे हैं. दिन-रात खुद को खपाना पड़ेगा तो खपाएंगे, लेकिन देश की आशाओं को चोट नहीं पहुंचने देंगे. हर योजना के जो लाभार्थी हैं उन तक इसका शत-प्रतिशत लाभ कैसे पहुंचे हम इसे सुनिश्चित कर रहे हैं. सच्ची धर्मनिरपेक्षता तो यही है और हमारी सरकार इस राह पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
8. आदिवासियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में हमारे आदिवासियों का योगदान स्वर्णिम पृष्ठों से भरा हुआ है, लेकिन दशकों तक हमारे आदिवासी विकास से वंचित रहे और विश्वास का सेतु तो कभी बन ही नहीं पाया. अगर कांग्रेस ने आदिवासियों के कल्याण के प्रति समर्पण भाव से काम किया होता तो हमको इतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती. यह अटल जी की ही सरकार थी जिसमें पहली बार आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बना था. हमने आदिवासी बच्चों के लिए 500 नए एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए हैं. 2014 से पहले आदिवासी परिवारों को 14 लाख जमीन के पट्टे दिए गए थे जबकि हमने बीते कुछ वर्षों में ही 7 लाख से अधिक पट्टे दिए हैं।
9. नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को सरकारी योजनाओं के नामों में संस्कृत के शब्दों से भी समस्या है. मैंने पढ़ा था कि 600 के करीब योजनाएं गांधी-नेहरू के नाम से हैं. फिर भी ये नेहरू जी का नाम नहीं लेते हैं. मुझे यह समझ नहीं आता कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों है? क्या शर्मिंदगी है? इतना बड़ा व्यक्ति है तो शर्मिंदगी क्या है और आप हमारा हिसाब मांगते हो. ये देश सदियों पुराना, जन-जन की पीढ़ियों की परंपरा से बना हुआ है, ये देश किसी परिवार की जागीर नहीं है।
10. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जब ये विपक्षी दल सत्ता में थे तो राज्यों का हक छीन लिया. अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) का इस्तेमाल विपक्ष की सरकार ने 90 बार किया. पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि किस पार्टी ने अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया? कौन थे वो लोग? एक प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 356 का 50 बार उपयोग किया और वह नाम है इंदिरा गांधी. केरल में कम्युनिस्ट सरकार चुनी गई जिसे पंडित नेहरू ने पसंद नहीं किया और उसे गिरा दिया गया।
#WATCH | Nation is watching how an individual is strongly facing many. They (Opposition parties) don't have enough slogans and have to change their slogans. I am living for the country…: PM Modi in Rajya Sabha pic.twitter.com/bfzzQyhSNm
— ANI (@ANI) February 9, 2023















