इस हमले के बाद सैन्य जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान की सेना अब पूरी तरह एक आतंकी संगठन की तरह बर्ताव कर रही है. इस तरह की हरकतें सीधे-सीधे हामास जैसे आतंकी संगठनों से मेल खाती हैं…
नईदिल्ली (ए)। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के दो फाइटर जेट JF-17 मार गिराए. इसके अलावा, पाकिस्तान ने शनिवार रात जम्मू के सतवारी, सांबा, आरएस पुरा और अरनिया की तरफ 8 मिसाइलें दागीं. लेकिन राहत की बात ये रही कि इंडियन एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को समय रहते रोक लिया. किसी भी मिसाइल ने अपने टारगेट को हिट नहीं किया।
2 JF-17 के अलावा पाकिस्तान के एक फाइटर जेट F-16 को भी भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है।
ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकी अड्डों के तबाह होने और 90 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने के बाद से पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने देश को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर में बहे खून के हर एक कतरे का हिसाब लेने की गीदड़भभकी दी थी. वहीं, इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस के डीजी ने कहा कि पाकिस्तान की आर्मी को बदला लेने की पूरी छूट दी गई है।
इस बीच पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार (8 मई,2025) को भारत के अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलौदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की नाकाम कोशिश की. भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए PAK आर्मी की तमाम कोशिशों को नाकाम कर दिया।
भारतीय सेना ने एस-400 सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के जरिए पाकिस्तान के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया. सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया।
JF-17 की लंबाई लगभग 14.9 मीटर, विंगस्पैन 9.45 मीटर और ऊंचाई करीब 4.77 मीटर है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 12,474 किलोग्राम तक होता है. यह विमान रूसी Klimov RD-93 या चीनी Guizhou WS-13 टर्बोफैन इंजन से लैस है, जो इसे लगभग Mach 1.6 (करीब 1,910 किमी/घंटा) की अधिकतम गति प्रदान करता है।
यह विमान 7 हार्डपॉइंट्स पर 1,500 किलोग्राम तक के हथियार ले जा सकता है, जिसमें एयर-टू-एयर मिसाइलें, एयर-टू-ग्राउंड बम, और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल हैं. इसके हथियारों में चीनी PL-5, PL-12, PL-15 मिसाइलें और GPS गाइडेड बम शामिल हैं, जो इसे वायु और सतह दोनों प्रकार के लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम बनाते हैं।
















