रायपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 30/2025, धारा-7सी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथासंशोधित भ्र.नि. (संशोधन) अधिनियम 2018 एवं धारा-467, 468, 471, 420, 120बी भादवि में लोकसेवकगण, मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्ति एवं अन्य व्यक्तियों के द्वारा आपराधिक षडयंत्र कर वर्ष 2020 से 2024 में भारतमाला परियोजना रायपुर विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकॉनामिक कॉरीडोर के भू-अर्जन प्रकरण में शासन द्वारा अर्जित भूमि को पुनः शासन को विक्रय कर मुआवजा देने,
भूमि स्वामी के बदले किसी अन्य को मुआवजा देने एवं निजी भूमि के गलत मुआवजा तथा उसके टुकड़े कर उपखण्डों में विभाजित कर मुआवजा राशि हड़प कर शासन के साथ छल करते हुए धोखाधड़ी कर करोड़ों रूपये की आर्थिक हानि कारित करने के आरोप में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
विवेचना में साक्ष्य पाये जाने पर आज दिनांक 16.07.2025 को जल संसाधन विभाग में अमीन के पद पर पदस्थ लोकसेवकगण-गोपाल राम वर्मा (से.नि.) एवं नरेन्द्र कुमार नायक तथा 04 अन्य व्यक्तियों खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू एवं कुंदन बघेल को गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर में पेश कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
जल संसाधन विभाग के 02 अधिकारियों के द्वारा पूर्व में अधिग्रहित की गई भूमि के बारे में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया था तथा 04 अन्य व्यक्तियों के द्वारा फरार चल रहे
राजस्व विभाग के अधिकारेयों के साथ मिलकर खाता विभाजन (बटांकन) प्रकिया एवं अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में फर्जीवाड़ा किया गया था और किसानों से उसकी एवज में भारी मात्रा में कमीशन लिया गया था। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।
















