नईदिल्ली। शुक्रवार की ऐतिहासिक गिरावट के बाद सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार मजबूती के साथ खुले। सेंसेक्स 711.57 अंक की उछाल के साथ 39,008.86 के स्तर पर खुला तो वहीं निफ्टी 213.70 की जबर्दस्त तेजी के साथ 11,415.45 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज सभी सेक्टर्स हरे निशान पर खुले। इनमें आईटी, फार्मा, प्राइवेट बैंक, ऑटो, रियल्टी, मीडिया, पीएसयू बैंक,एफएमसीजी और मेटल शामिल हैं। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक, बीपीसीएल, जेएसडब्ल्यू स्टील, वेदांता लिमिटेड, बजाज फाइनेंस, टाटा मोटर्स, एसबीआई, एनटीपीसी और कोल इंडिया हरे निशान पर खुले। आज प्री-ओपनिंग के दौरान सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर 38,886.14 के स्तर पर कारोंबार कर रहा था। सेंसेक्स में 588 अंकों की जबर्दश्त उछाल देखने को मिल रहा था।
एसबीआई के शेयर में उछाल
आज भारतीय स्टेट बैंक कार्ड्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम ( IPO ) खुल गया है। आज सुबह 9:34 बजे एसबीआई के शेयर में चार अंक यानी 1.32 फीसदी की बढ़त देखी गई थी, जिसके बाद यह 307 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में यह 311 के स्तर पर खुला था और पिछले कारोबारी दिन एसबीआई का शेयर 303 के स्तर पर बंद हुआ था।
दूसरी सबसे बड़ी गिरावट हुई थी शुक्रवार को
बता दें शुक्रवार को बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स ने अपने इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की थी। निफ्टी में 11 साल में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट देखने को मिली । शुक्रवार को BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1,448.37 प्वाइंट की भारी गिरावट के साथ 38,297.29 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं NSE का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी 431.55 प्वाइंट की गिरावट के साथ 11,201.75 के स्तर पर बंद हुआ था।
रुपया मजबूती के साथ खुला
आज रुपये की शुरुआत मजबूती के साथ हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 11 पैसे की मजबूती के साथ 72.07 के स्तर पर खुला है। वहीं, पिछले कारोबारी दिन डॉलर के मुकाबले रुपया 63 पैसे टूटकर 72.18 के स्तर पर बंद हुआ था।

हालांकि इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा कोरोना वायरस से संबंधित घटनाक्रमों से तय होगी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद बीता सप्ताह शेयर बाजारों के लिए सबसे खराब रहा है। विश्लेषकों ने कहा कि निवेशक कोरोना वायरस के प्रभाव का आकलन करने में जुटे हैं।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कोरोना वायरस का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पहले लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक रहेगा। दुनिया के 50 देशों के 85,000 से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। अब तक यह वायरस 2,900 लोगों की जान ले चुका है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि यदि यह संक्रमण बढ़ता है और अधिक समय तक बना रहता है और तेजी से फैलता है तो बाजारों के लिए जोखिम बढ़ेगा।









