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ब्रेकिंग: पीएम मोदी पहुंचे वाराणसी, 30 से अधिक परियोजनाओ का करेंगे उद्घाटन..

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 16 फरवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी दौरे पर पहुंचे और इस दौरान वह तीस से ऊपर परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। बीजेपी जिला अध्यक्ष विद्यासागर राय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले जंगमबाड़ी मठ में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वहां श्री सिद्धान्त सिखवानी ग्रंथ का विमोचन करने के साथ ही ग्रंथ का मोबाइल एप्प जारी करेंगे। जंगमबाड़ी मठ से मोदी पड़ाव जाएंगे जहां से वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल का लोकार्पण करने के साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह प्रतिमा देश में पंडित दीनदयाल की सबसे ऊंची प्रतिमा है जिसे 200 से अधिक शिल्पकारों ने एक साल में तैयार है।
वाराणसी में पीएम मोदी के आगमन के बाद वाराणसी की सड़कों पर लोगों ने अनोखे अंदाज में उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। प्रधानमंत्री आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल का उद्घाटन करने और 63 फीट ऊंची दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही 30 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल का उद्घाटन करेंगे और साथ ही 63 फीट ऊंची दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके साथ ही नरेंद्र मोदी वीडियो लिंक के जरिए IRCTC की महाकाल एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
वाराणसी में पीएम मोदी का स्वागत मंगल वाद्य यानी शहनाई के माध्यम से किया जा रहा है। इस साल पहली बार पीएम अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ रहे है। ऐसे में प्रधानमंत्री का स्वागत भी अनोखे तरीके से किया जा रहा है।
पीएम ‘श्री काशी विश्वाराध्य गुरुकुलम’ पुस्तक का लोकार्पण करेंगे। कर्नाटक के सीएम वीएस येदुरप्पा, रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी सहित कई अन्य मंत्री भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

वाराणसी में पीएम मोदी वहां जनसभा को संबोधित भी करेंगे। यहां से प्रधानमंत्री मोदी बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल पहुंचेंगे. वहां वी ‘काशी एक रूप अनेक’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

वाराणसी पहुंचने के बाद पीएम मोदी सबसे पहले जंगमबाड़ी मठ जाएंगे और छठी शताब्दी के ताम्रपत्रों मे दर्ज इस ऐतिहासिक जगह के इतिहास से रूबरू होंगे। साथ ही 1400 सालों में जारी फरमानों के संग्रह का अवलोकन करेंगे।

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