ब्रिटेन के आम चुनाव में कीर स्टार्मर की हुई प्रचंड जीत, करारी हार के बाद ऋषि सुनक ने कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पद से दिया इस्तीफा…
नईदिल्ली (ए)। ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में लेबर पार्टी की ऐसी सूनामी चली कि ऋषि सुनक टिक नहीं सके। चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी की करारी हार हुई है। लेबर पार्टी ने 650 सीटों में से 400 पार के साथ 14 साल बाद प्रचंड वापसी की है। ब्रिटेन में चार जुलाई को आम चुनाव हुए थे। प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने हार स्वीकार कर ली है। सुनक हालांकि अपनी सीट जीत गए हैं। उन्होंने उत्तरी इंग्लैंड में रिचमंड एवं नॉर्थलेरटन सीट पर 23,059 वोटों से जीत हासिल की है।
चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद ऋषि सुनक ने कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लोगों से कहा कि मैंने आपका गुस्सा, निराशा सुनी है और मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं, सुनक ने अपने प्रतिद्वंद्वी कीर स्टारमर को ‘एक सभ्य जनहितैषी व्यक्ति’ बताया। सुनक ने स्टॉर्मर को बधाई दी है।
मानवाधिकार अधिवक्ता कीर स्टार्मर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री होंगे। स्टार्मर ने भारतीय मूल के लोगों के साथ लेबर पार्टी के संबंधों में सकारात्मक बदलाव की वकालत की है। स्टार्मर ने अपनी पार्टी को मजबूत जनादेश मिलने पर भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) समेत नई रणनीतिक साझेदारी का संकल्प जताया था। स्टार्मर की अगुवाई में लेबर पार्टी ने ब्रिटेन के आम चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। स्टार्मर ने एक विजय रैली में समर्थकों से कहा कि ‘बदलाव अब शुरू होगा।’
दिसंबर 2019 में करारी चुनावी हार के बाद लेबर पार्टी की जीत का श्रेय अब जाहिर तौर पर स्टार्मर के खाते में जाएगा। वह ब्रिटिश भारतीयों के साथ अपनी पार्टी के रिश्ते को नए सिरे से आकार देने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूर्व नेता जेरेमी कॉर्बिन के कार्यकाल में कश्मीर पर कथित भारत विरोधी रुख को लेकर प्रभावित हुए थे। स्टार्मर ने अपने विजय संबोधन में कहा, ‘‘साढ़े चार साल तक पार्टी में बदलाव का यही मकसद है: एक बदली हुई लेबर पार्टी जो हमारे देश की सेवा करने के लिए तैयार है, ब्रिटेन को कामकाजी लोगों की सेवा में फिर से लगाने के लिए तैयार है।’’
प्रधानमंत्री के तौर पर भारत के प्रति उनका रुख लेबर पार्टी के 2024 के चुनावी घोषणापत्र में प्रदर्शित हुआ था जिसमें ‘‘भारत के साथ एक नई रणनीतिक साझेदारी की बात कही गई है, जिसमें एक मुक्त व्यापार समझौते के साथ-साथ सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना शामिल है।’’ उन्होंने पिछले साल ‘इंडिया ग्लोबल फोरम’ में कहा था, ‘‘मेरा आज आप सबके लिए स्पष्ट संदेश है। यह बदली हुई लेबर पार्टी है।’’ स्टार्मर ने कहा, ‘‘मेरी लेबर पार्टी की सरकार भारत के साथ लोकतंत्र और आकांक्षा के हमारे साझा मूल्यों पर आधारित संबंध तलाशेगी। वह एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए प्रयास करेगी। हम उस महत्वाकांक्षा को साझा करते हैं, लेकिन वैश्विक सुरक्षा, जलवायु सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा के लिए एक नई रणनीतिक साझेदारी भी करेंगे।’’
















