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बाबूजी की मनोकामना पूरी करने के लिए पुलिस में भर्ती हुआ: गुरजीत सिंह sarnathexpress.com

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। मैं पब्लिक सर्वेन्ट हु, मुझसे जितना बन सकता है उतना लोगो की मदद करता हु, सहायत देकर उनको राहत पहुचाता हु। जो काम आज का है उसे आज ही पूरा करे, टालने पर काम बोझ बन जता है। काम को तत्काल पूरा करे ताकि आने वाले समय पर एक्स्ट्रा बोझ न बने। यह बाते उप पुलिस अधीक्षक दुर्ग ट्रैफिक गुरजीत सिंह ने सारनाथ एक्सप्रेस से बातचीत में बताई। ट्रैफिक डीएसपी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर अब तक के सफर के पर चर्चा किया।
इनकी प्रारम्भिक और हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा ग्राम पंचायत सेलर शासकीय विद्यालय (सीपत थाना) बिलासपुर, मुन्नूलाल शुक्ला शासकीय विद्यालय बिलासपुर और सरस्वती शिशु मंदिर, तिलकनगर बिलासपुर में पूरी हुई। वर्ष 1999 में इन्होंने सीएमडी कॉलेज बिलासपुर से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री हासिल किया। वर्ष 1999 में सूबेदार उप निरीक्षक की सीधी भर्ती में इन्होंने भाग लिया और इनका चयन हो गया। वर्ष 2000 में इन्होंने जवाहरलाल नेहरु पुलिस एकेडमी, सागर (मप्र) में ट्रेनिंग पूरी किया। ट्रेनिंग पश्चात इनकी सूबेदार के पद पर पहली पोस्टिंग वर्ष 2001 में दंतेवाड़ा में हुई जहां इन्होंने छः वर्षो तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2006 में इनका तबादला पुलिस लाइन दुर्ग के लिए हुआ जहां इन्होंने दो वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2008 में इन्हें प्रमोट कर रिज़र्व इंस्पेक्टर (आरआई) बनाया गया साथ ही इनका स्थानान्तरण आरआई राजनांदगांव के लिए हुआ जहां इन्होंने तीन वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2011 में इन्हें रायपुर आरआई की अहम जिम्मेदारी दी गई जहां इन्होंने पांच वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2016 में इनका प्रमोशन हुआ इन्हें रिज़र्व इंस्पेक्टर से उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) बनाया गया साथ ही रायपुर पुलिस लाइन का प्रभारी बनाया गया। रायपुर पुलिस लाइन में इन्होंने दो वर्ष अपनी सेवाएं दी। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सितम्बर 2018 में इन्हें उप पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक की जिम्मेदार दी गई। जिसे यह जिम्मेदारी से निभा रहे है। संगीत सुनने, क्रिकेट देखने व एथेलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड) में विशेष रुचि रखने वाली डीएसपी गुरजीत सिंह अपने नाना जगन्नाथ सिंह के व्यवहार व व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित थे और उन्हें ही अपना आदर्श मानते है। पुलिस में आने की प्रेरणा इन्हें इनके बाबूजी से मिली थी। इनके बाबूजी चाहते थे कि यह पुलिस में भर्ती हो ओर देश सेवा करे। उनकी मनोकामना पूरी करने के लिए ही यह पुलिस में भर्ती हुए।
अपने बैचमेट और रायपुर ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर से भी यह बहुत प्रभावित है। सतीश ठाकुर काम के प्रति हमेशा समर्पित रहते है। काम को लेकर डिसिप्लिन, उनका व्यवहार, काम के प्रति जो उनका जुनून है उसे यह फॉलो करते है और उनके जैसा बनने की कोशिश करते है।
डीएसपी गुरजीत सिंह ने युवाओं के लिए कहा कि आज के युवाओं में डिसिप्लिन की बहुत कमी है वो नशा के आदि होते जा रहे है जो चिंता का विषय है। लोगो को अपने हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए। मैं भी अपने हेल्थ पर विशेष ध्यान देता हूं। हम सड़क दुर्घटना कम करने पर पूरी कोशिश कर रहे है। लोगो को समझना चाहिए कि दुर्घटना के समय अगर स्थाई अपंगता हो जाती है तो वो परिवार के लिए बोझ बन जाता है। इसलिए यातायात के नियमो का पालन करे। सड़क पर अक्सर घर का मुखिया ही नौकरी, दुकान, व्यापार आदि लिए निकलता है अगर वो सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाता है तो उस परिवार को भारी क्षति पहुचती है। इसलिए ट्रैफिक के नियमो का अवश्य ही पालन करे। युवा हमारे देश के भविष्य है इन्हें अपने आप को सही दिशा में ले जाना चाहिए। इन्ही में से कोई आईएएस, आईपीएस, वैज्ञानिक आदि बन सकता है। इसलिए सभी वर्गों के लोगो से अपील है कि ट्रैफिक के नियमो का पालन करे और सुरक्षित रहे।

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