जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में ‘लाल आतंक’ को लगातार एक के बाद एक कई तगड़े झटके लग रहे है इसी कड़ी में गुरुवार को हरेली तिहार के दिन भी नक्सलियों को बहुत बाद झटका लगा जब बस्तर संभाग में 66 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें कांकेर जिले में 13, नारायणपुर जिले में 8, सुकमा में 5, दंतेवाड़ा में 16 और बीजापुर में 25 नक्सलियों ने गुरुवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 2.54 करोड़ रुपए का ईनाम घोषित था।
बीजापुर में 1 करोड़ 15 लाख के ईनामी 25 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया: छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति साथ ही छग शासन द्वारा चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर ओड़िसा राज्य कमेटी सदस्य SZCM-01, DVCM-02, कंपनी PPCM-02, बटालियन एवं कंपनी पार्टी सदस्य -03, ACM-8, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य-02, LOS सदस्य -04, जनताना सरकार अध्यक्ष-01, मिलिशिया कंपनी सदस्य-01 एवं जनताना सरकार उपाध्यक्ष-01 सहित 25 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष हरेली तिहार के दिन आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 15 लाख का ईनाम घोषित किया गया था।

नारायणपुर में 33 लाख रुपए के ईनामी 8 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: गुरुवार को बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में आठ नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। इन नक्सलियों पर 33 लाख रुपये के इनाम घोषित थे। इन आठ नक्सलियों में चार महिला नक्सली भी शामिल हैं। नारायणपुर एसपी रॉबिंसन गुरिया ने प्रेस कांफ्रेंस लेकर इसकी जानकारी दी। नक्सलियों के प्लाटून 16 के कमांडर कमलेश और डॉक्टर टीम के सदस्य सुखलाल ने भी आत्मसमर्पण किया। दोनों अबूझमाड़ क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय थे। कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया था।

दंतेवाड़ा में 17 लाख रुपए ईनामी 16 नक्सलियों ने किया सरेंडर: दंतेवाड़ा जिले में गुरुवार की सुबह 15 नक्सलियों ने लाल आतंक का साथ छोड़ते हुए मुख्यधारा में शामिल हुए। इन समर्पण करने वालों में एक नक्सल दंपति भी शामिल हैं। वहीं पांच नक्सलियों के ऊपर 17 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर ने प्रेस वार्ता में बताया कि 5 इनामी नक्सली सहित 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत 24 जुलाई को लोकतंत्र के ऊपर विश्वास जाहिर करते हुए समाज की मुख्यधारा में लौट आये। पुलिस अधीक्षक कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया।

इनमें कई कैडर वर्षों से नक्सली संगठन में सक्रिय थे और अब संगठन की जनविरोधी, हिंसक और दिशाहीन विचारधारा से मोह भंग के कारण उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है। लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 254 इनामी नक्सली सहित कुल 1 हजार 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिसमें जिला दन्तेवाड़ा के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर के 824 पुरुष नक्सली और 196 महिला माओवादी शामिल हैं।
सुकमा में पांच नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: सुकमा जिले में सक्रिय पांच नक्सलियों ने भी गुरुवार को आला अधिकारियों के सामने आत्म समर्पण किया है, ये सभी नक्सली जिले के जगरगुंडा और चिंतलनार इलाके में सक्रिय रहे हैं। पूना मारगेम और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्म समर्पण किया, सभी को प्रोत्साहन राशि दी गई और पुनर्वास नीति का लाभ दिया जायेगा।

कांकेर में 62 लाख रुपए के ईनामी 13 नक्सलियो ने किया आत्मसमर्पण: पूना मारगेमः- पुनर्वास से पुनर्जीवन’’- बदलाव की एक सशक्त पहल एवं शासन की आत्मसमर्पण एंव पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर तथा नक्सलियों के खोखली विचारधारा, उनके शोषण, अत्याचार, हिंसा से तंग आकर सी.पी.आई. माओवादी संगठन उत्तर बस्तर डिवीजन के अंतर्गत परतापुर, रावघाट एरिया कमेटी/माड़ डिवीजन में सक्रिय नक्सल जिन पर शासन की ईनाम पालिसी के तहत् उक्त 01 माओवादी सदस्य पर 10 लाख, 04 माओवादी सदस्य पर 08 लाख, 03 माओवादी सदस्या पर 05 लाख एवं 05 माओवादी सदस्यों पर 01-01 लाख रुपये कुल-62 लाख का ईनाम घोषित है। गुरुवार को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि 50-50 हजार रुपये प्रदान किया गया।

















