गुरुवार को हुए नाव हादसे का बड़ा कारण ओवरलोड के साथ ही तेज हवा और यमुना नदी की तेज धार को बताया जा रहा है। बहाव तेज होने के कारण नाव के अनियंत्रित होते ही स्टेयरिंग भी टूट गई…
बांदा (ए)। बांदा में गुरुवार की दोपहर बड़ा नाव हादसा हो गया। मर्का थाना क्षेत्र में यमुना नदी की बीच धारा में एक नाव डूब गई। नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे। 8 लोग किसी तरह तैरकर निकल आए। नाव और बाकी लोगों का कोई पता नहीं चला है। उनकी तलाश में आपरेशन चल रहा है। तैर कर बचे लोगों के अनुसार नाव में सवार अन्य सभी की मौत की आशंका है।
एसडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय गोताखोर लोगों की तलाश में लगाए गए हैं। चार लोगों के शव मिले हैं। बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं औऱ बच्चे नाव पर सवार थे। सीएम योगी ने भी हादसे का संज्ञान लिया है। योगी ने अधिकारियों को मौके पर भेजा है।
बताया जा रहा है कि मर्का से फतेहपुर, प्रयागराज लोग यमुना नदी पारकर आते-जाते हैं। एकमात्र साधन नाव है। उसमें 30 से 40 सवार लोग एक बार नदी के एक ओर से दूसरी ओर ले जाए जाते हैं। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे मर्का से नाव में 30 से अधिक लोग सवार होकर फतेहपुर की ओर जा रहे थे। पानी का बहाव तेज होने से नाव बीच मझधार में अनियंत्रित होकर पलट गई।
बांदा में हुए नाव हादसे से ठीक पहले का वीडियो सामने आया है। तेज हवाओं और यमुना की लहरों से लड़ती पतवार वाली नाव इसमें दिख रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नाव से नाविक का नियंत्रण पूरी तरह से हट गया है और नाव हवा की दिशा में लहरों पर बहती चली जा रही है। नाव में 40 से ज्यादा लोग सवार थे। इनमें 13 लोग तैरकर किसी तरह बचे हैं। 30 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। बचे लोगों की मानें तो लापता सभी लोग डूब गए हैं और उनके बचने की संभावना नहीं है।
गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे नाव में करीब 50 लोग सवार होकर फतेहपुर की ओर जा रहे थे। वीडियो फतेहपुर की तरफ से ही बनाया गया है। ऐसा लगता है कि जिस समय वीडियो बनाया जा रहा था, नाव में चीख पुकार मच चुकी थी। नाव से नियंत्रण पूरी तरह से हट चुका था।
नाव डूबने के बाद तैर कर बचे फतेहपुर के आईजी गांव के अजमेष (30) ने बताया कि नाव डगमगाई तो सभी लोग सरकते हुए पानी के बहाव की दिशा में चले गए। इससे नाव एकाएक डूब गई। उसे तैरना आता था, इसलिए वह किसी तरह तेज बहाव में भी करीब 100 मीटर तैरकर बाहर निकल आया।

बताया जाता है कि मर्का घाट से प्रतिदिन सैकड़ों लोग नाव से यमुना नदी पार कर फतेहपुर व प्रयागराज आते-जाते हैं। नाविक एक बार में नाव में 40-50 लोगों को एक ओर से दूसरी ओर ले जाते हैं। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे नाव में करीब 50 लोग सवार होकर फतेहपुर की ओर जा रहे थे। पानी का बहाव तेज होने से नाव बीचधारा में अनियंत्रित होकर पलट गई और सभी सवार पानी में समा गए। कुछ लोग खुद तैरकर बचे तो कुछ नाव पर रखे ट्यूब और बांस से बचाए गए।
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ग्रामीणों ने बताया कि 40 से कम लोग होने पर नाविक नाव नदी में नहीं उतारते हैं। जब तक सवारियां पूरी न हों, इंतजार करते हैं। आम दिनों में लोगों को एक-एक घंटा इंतजार करना पड़ता है। त्योहार में सवारियां अधिक होती हैं इसलिए इंतजार तो नहीं करना पड़ता लेकिन ज्यादा कमाई के लालच में नावों में सवारियां 50 से भी अधिक ठूंस लेते हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि करीब 30-35 लोगों से भरी नौका फतेहपुर जिले के जरौली घाट जा रही थी। तभी बीच जलधारा में तेज हवा का झोंका आने से नौका डगमगा कर पलट गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक चार लोगों के शव नदी से निकाले जा चुके हैं, जिनकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब आठ लोग तैरकर बाहर आ गये जबकि कम से कम 20 अन्य लापता हैं। अधिकारी ने बताया कि गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया जिले के सभी अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्य जारी है।
सीएम योगी ने जताया दुख, बचाव कार्य तेज करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज गति से चलाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी, डीआईजी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को तत्काल मौके पर जाने हादसे में घायल हुए लोगों का समुचित उपचार कराए जाने के निर्देश दिए हैं।















