रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट ‘दधीचि’ अब समाज में मानव सेवा का प्रतीक बन रहा है। इस अनूठी पहल ने अंगदान को लेकर लोगों, विशेषकर युवाओं में नई जागरूकता पैदा की है।
अब तक जिले में 63 लोगों ने अंगदान कर इस अभियान को समर्थन दिया है। इसका उद्देश्य शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है। इस कड़ी में आज पीडब्ल्यूडी विभाग में सहायक ग्रेड 3 नेहा झा ने एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए नेत्र दान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सीईओ एवं सेवानिवृत्त एसीएस एम. के. राउत एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मानित करते हुए शॉल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया।
श्रीमती झा ने कहा की “मैं प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अपना नेत्र दान कर रही हूँ ताकि मेरे मृत्यु के बाद मेरा नेत्र किसी के काम आ सके”। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आमजनों से अपील की कि वे आगे आकर अंग एवं देहदान के इस महान कार्य में भागीदार बनें।
स्मृति पुस्तकालय योजना से शिक्षा को मिला नया संबल, मंजू चौबे ने दान की पुस्तकें, दानदाताओं ने अब तक दी 6600 से अधिक पुस्तकें
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना शिक्षा के क्षेत्र में नया संबल प्रदान कर रही है। इसी क्रम में कंप्यूटर ऑपरेटर मंजू चौबे ने इंजीनियरिंग, मार्केटिंग एवं एसएससी सहित अन्य पुस्तक दान की है। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सीईओ एवं सेवानिवृत्त एसीएस एम. के. राउत ने इन पुस्तकों को ग्रहण करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता का आभार व्यक्त किया।
जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत अब तक 6600 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना अथवा रोजगार अधिकारी केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है।
















