रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिले के विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए नवाचार प्रोजक्ट “मेरा गांव मेरी पहचान” के संबंध में जिन अधिकारियों को जिन गांवोें के प्रभार दिए गए है, उनका समय-समय पर दौरा करें, वहां पर शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इन गांवों में जाकर जन समस्या का जायजा लें और समाधान करें। इसके विकास कार्य के लिए कार्ययोजना बनाएं।
साथ ही नगरीय निकायों की बैठक में सभी जोन आयुक्तों को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र में अतिक्रमण के विरूद्ध कार्यवाही में तेजी लाएं, साफ-सफाई के विशेष ध्यान रखें और जोन क्षेत्र में आने वाले सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो का निरीक्षण करें। इस अवसर पर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर आईएएस नम्रता जैन, सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
स्मृति पुस्तकालय योजना से विद्यार्थियों को मिलेगा ज्ञान का नया संबल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में स्मृति पुस्तकालय योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत आज सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती कामिनी बावनकर ने जिला प्रशासन को जेईई मेन्स मैथ्स, छत्तीसगढ़ PET, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पुस्तकें दान की। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने यह पुस्तकें ग्रहण की।
जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत दानदाताओं द्वारा लगभग 1800 पुस्तकें दान में दी जा चुकी है। कलेक्टर डॉ. सिंह एवं अपर कलेक्टर आईएएस सुश्री नम्रता जैन ने दानदाता को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तक दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। पुस्तकें दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना, रोजगार अधिकारी केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है।
















