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प्रसूति अवकाश आवेदनों को मानवीय दृष्टिकोण से कार्यवाही करने का निवेदन किया है समाज सेविका हेमा साहू ने

भिलाई। सरकारी और निजी दोनों ही कार्यालयों मे छोटे से बड़े सभी पदों पर महिलाओं की उपस्थिति अब सामान्य बात हो गई है। महिलाओं ने अपने शक्ति, सामर्थ्य और बौद्धिक क्षमता के आधार पर पुरुषों की बराबरी सभी क्षेत्रों में कर ली है परन्तु पुरुषों ने प्रसूति अवकाश के मामले में महिलाओं के एकाधिकार को अब तक चुनौती देने वाली स्थिति हासिल नहीं की है क्योंकि प्रकृति ने यह वरदान सिर्फ महिलाओं को दिया है इसलिए प्रसूति अवकाश सभी गर्भवती महिलाओं का संवैधानिक अधिकार भी है और प्रकृति का अनमोल तोहफा भी है लेकिन प्रसूति अवकाश के आवेदनों पर शासकीय और निजी कार्यालयों के निर्णायक अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण से कार्यवाही और निर्णय नहीं लेते है जबकि प्रसूति अवकाश के लिए केंद्र और राज्य शासन ने स्पष्ट कानून और नियमों को लागू किया है गौरतलब रहे कि प्रसूति अवकाश मामले में विगत दिनों बेमेतरा की एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ने अपनी जान इसलिए गवाई क्योंकि उसके प्रसूति आवेदन पर अमानवीय दृष्टिकोण से कार्यवाही की गई और उसे प्रसूति कालावधी के सबसे नाजुक समय में शासकीय सेवाए देने के लिए मजबूर किया गया। जब प्रसूति काल के नाजुक समयावधि मे इस गर्भवती शासकीय महिला अधिकारी की मृत्यु की खबर अखबारों और सोशियल मीडिया पर प्रकाशित हुई तो इस अमानवीय व्यवहार से सभी को बेहद पीड़ा हुई। इस वेदनिय और अप्रिय घटना ने यह भी स्पष्ट तौर पर प्रमाणित कर दिया कि प्रसूति अवकाश के आवेदनों पर हमरे निर्णायक प्राधिकारी अमानवीय दृष्टिकोण से कार्यवाही करते है। जिसके कारण बेमेतरा की गर्भवती महिला को बेहद पीड़ा दायक मौत का सामना करने की अवस्था में पहुंचा दिया था उल्लेखनीय है कि गर्भावस्था मे होने वाली तकलीफ़ सिर्फ महिला ही समझ सकती है और महसूस कर सकती है बावजूद इसके प्रसूति आवेदन पर कार्यवाही करने वाले अधिकारी अगर मानवीय दृष्टिकोण से विचार करेंगे तो उनको भी गर्भवती महिला के तकलीफ़ का अहसास होगा और वे प्रसूति अवकाश आवेदन के मानवीय पहलू को समझेंगे इसलिए सभी शासकीय और अशासकीय कार्यालयों के अधिकारियों से निवेदन है कि प्रसूति अवकाश के आवेदनों पर मानवीय दृष्टिकोण से कार्यवाही करें तथा साथ ही साथ राज्य के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, महिला बाल विकास मंत्री एवम महिला आयोग की अध्यक्ष को इस संबंध में आवेदन लिख कर कार्यवाही के लिए निवेदन किया गया है। उक्त बातें समाजसेविका हेमा साहू ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही।

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