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प्रयास छोटा ही सही पर सार्थक होना चाहिए: सीमा वर्मा

बिलासपुर। आज इस घातक बीमारी की वजह से पिछले लगभग दो वर्षो से स्कूल कॉलेज बंद हैं। बड़े बच्चो की परीक्षाएं भी ऑनलाइन पद्धति से ली जा रही, छोटे बच्चो को प्रमोट कर दिया जा रहा। यह योजना बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार के द्वारा चलाई जा रही, पर जो बच्चे स्कूल जाते थे। पढ़ाई करते ,खेल कूद,अन्य एक्टिविटी में भाग लेते थे। अपने दोस्तो के साथ स्कूल में समय व्यतीत करते थे। आज कहीं ना कहीं इन दिनों बच्चों पर लॉकडाउन का बुरा असर हो रहा। बच्चें अवसाद ग्रस्त हो रहे, बच्चों के शारीरिक मानसिक विकास पर गहरा प्रभाव पड़ रहा। इस लॉकडाउन कि वजह से बच्चे शिक्षा से दूर होते जा रहे, इन सब परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक रूपया मुहिम की संचालिका सीमा वर्मा बच्चों के लिए लगातार कार्यरत है, बच्चो को फ्री टयूशन क्लास के साथ अलग – अलग एक्टिविटी भी करवाती रही है , जैसे- फ्री योग क्लास,एनुअल फंक्शन के तर्ज पर- सपोर्ट एक्टिविटी, डांस प्रतियगिता, ड्रॉइंग प्रतियोगिता के साथ अलग अलग एक्टिविटी करवाती रही है,बच्चे भी उत्साह पूर्वक भाग लेते रहे,इस बार पुनः लॉकडाउन की स्थिति निर्मित हुई तो एक बार फिर बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए सीमा वर्मा ने बच्चों को लगातार उत्साहित करने के लिए ड्रॉइंग प्रतियोगिता,आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया,जिसमे बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया,किसी ने संदेश देने वाले ड्रॉइंग बनाए,तो किसी ने मिट्टी से खूबसूरत घर, कुआ, शिवलिंग, कछुआ,बतख,किचन सेट,बैटरी से चलने वाली लैंप,पॉट के साथ सुंदर सुंदर क्राफ्ट बनाए, सीमा वर्मा ने बच्चों को स्टेशनरी का समान कॉपी,पेन, पेंसिल, स्केल,रबर,कटर,के साथ चॉकलेट गिफ्ट में दिया।
सीमा वर्मा लगातार बच्चो को कोरोनावायरस से बचने के उपाय भी लगातार बताती हैं जिसमे बच्चों को हाथ धोने के तरीके,मास्क लगाने , कोरोनागाइडलाइन का पालन करने के बारे में जागरूकता कार्यक्रम भी करती रहती है

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