मई 2022 को एल्सटॉम कंपनी ने गुजरात के सावली में रैपिड रेल की चाबी एनसीआरटीसी को सौंपी थी. कंपनी की हैदराबाद और गुजरात साइट में रेल का डिजाइन और मैन्यूफेक्चरिंग हुई है…
नईदिल्ली (ए)। देश को आज यानी शुक्रवार 20 अक्टूबर, 2023 को पहली रैपिडएक्स रेल की सौगात मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के साहिबाबाद से ट्रेन को रवाना किया. शनिवार से आम नागरिक रैपिड रेल से सफर कर सकेंगे. समय की बचत के साथ लोगों को ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी. 30,274 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई रैपिड रेल पूरी तरह से स्वदेशी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमेशा से ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों पर जोर देते रहे हैं. स्वदेशी रैपिड रेल के निर्माण से मोदी सरकार के इन अभियानों को बढ़ावा मिलेगा।
मई, 2022 में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की रैपिड मेट्रो का सेट नेशनल कैपिट रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को सौंपा गया था. हैदराबाद में इसका डिजाइन तैयार किया गया और मैन्युफेक्चरिंग गुजरात में हुई है इसलिए यह 100 प्रतिशत शुद्ध देशी रैपिड रेल है।
साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच चलने वाली पहली रैपिडएक्स ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई. इस तरह देश में पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की शुरुआत हुई. पीएम ने यहां लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने तो अपना बचपन रेलवे प्लेटफॉर्म पर बिताया है।
पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्री का त्योहार चल रहा है. इसमें शुभ काम की परंपरा है. मैं दिल्ली-एनसीआर और पूरे वेस्ट यूपी को बधाई देता हूं. ये आरआरटीएस कॉरिडोर भारत के नए संकल्प को पूरा करता है. भारत का विकास राज्य के विकास से ये संभव हो पाया है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को ऐलान किया था कि आरआरटीएस ट्रेनों को ‘नमो भारत’ के नाम के तौर पर जाना जाएगा. इसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था और कांग्रेस ने नाम पर सवाल भी उठाए थे।
दरअसल, दिल्ली मेरठ आरआरटीएस सेवा कम स्टॉप, हाई स्पीड वाली लंबी दूरी की रेल कम मेट्रो सेवा है. यह यात्रियों को कम समय से ज्यादा दूरी तय करने की सुविधा प्रदान करता है. आरआरटीएस पारंपरिक रेलवे से भी अलग है. यह समर्पित पथ के साथ उच्च गति पर विश्वसनीय, उच्च आवृत्ति, बिंदु से बिंदु क्षेत्रीय यात्रा प्रदान करेगा. आरआरटीएस एनसीआर में क्षेत्रीय नोड्स को जोड़ने वाली एक नई, समर्पित, उच्च गति, उच्च क्षमता, आरामदायक कम्यूटर ट्रेन सेवा है, जिसे रैपिडेक्स नाम दिया गया है।
RRTS की स्पीट Metro से 3 गुना ज्यादा दिल्ली गाजियाबाद मेरठ आरआरटीएस पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा एक हाई स्पीड रैपिड रेल कम मेट्रो सेवा है. परियोजना के मुताबिक इसकी डिजाइंड स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे की है जो दिल्ली मेट्रो से तीन गुना ज्यादा है।
दिल्ली से मेरठ का सफर 60 मिनट में करें पूरा बता दें कि दिल्ली मेरठ आरआरटीएस परियोजना के मुताबिक रैपिडेक्स की पेपर पर डिजाइंड स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे की है. रैपिडेक्स ट्रेन इस गति से चलने में भी सक्षम है, लेकिन इसकी आपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा तय है. जबकि औसत स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे की है. इसी आधार पर आरआरटीएस का दावा है कि लोग दिल्ली से मेरठ तक का सफर 60 मिनट में पूरा कर सकते हैं।
नमो भारत ट्रेन में आधुनिकता और स्पीड दोनों यूपी के साहिबाबाद में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के लिए ऐतिहासिक पल है. आज भारत की पहली रैपिड रेल सर्विस-नमो भारत ट्रेन- की शुरुआत हुई है. इसे देश को समर्पित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि नमो भारत ट्रेन में आधुनिकता भी है और स्पीड भी है. ये नमो भारत ट्रेन, नए भारत के नए सफर और नए संकल्पों को परिभाषित कर रही है. उन्होंने बेंगलुरू में मेट्रो की 2 लाइनों को समर्पित करने की जानकारी भी दी।
अशोक गहलोत के दिन खराब: पीएम मोदी राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. यहां बीजेपी बनाम कांग्रेस की लड़ाई है. राजस्थान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमने राजस्थान में बोल दिया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिन खराब हैं. राजस्थान में इस भी ट्रेन को लेकर जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि भारतीय रेल पुरी दुनिया में एक नया मुकाम हासिल करेगी. हमारे देश की तस्वीर बदल गई है. कोराना में हमने करोड़ों लोगों की जान बचाई. दुनिया में भारत की प्रगती की चर्चा हो रही है।
‘जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं’ पीएम मोदी ने कहा कि चार साल पहले मैंने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल कॉरिडोर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था. आज साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक नमो भारत की सेवाएं शुरू हो गई हैं. मैंने पहले भी कहा था और आज भी कहता हूं- जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं. उन्होंने कहा कि साल-डेढ़ साल के बाद जब मेरठ का ये हिस्सा पूरा हो जाएगा तो मैं आपकी सेवा में हाजिर हो जाऊंगा।
रेलवे का नया रूप मुझे खुशी से भर रहा लोगों को संबोधिक करते हुए पीएम ने कहा कि मुझे इस अत्याधुनिक ट्रेन में यात्रा का अनुभव करने का अवसर मिला. मैंने अपना बचपन रेलवे प्लेटफॉर्म पर बिताया और आज रेलवे का यह नया रूप मुझे खुशी से भर रहा है. यह अनुभव आनंददायक है. उन्होंने कहा कि हमारे यहां नवरात्रि के दौरान शुभ कार्य करने की परंपरा है. भारत की पहली नमो भारत ट्रेन को आज मां कात्यायनी का आशीर्वाद मिला है।
100% प्रतिशत शुद्ध देशी रैपिड रेल एल्सटॉम कंपनी ने देश की पहली रैपिड रेल तैयार की हैं. एल्सटॉम के हैदराबाद इंजीनियरिंग सेंटर ने ट्रेन का डिजाइन तैयार किया और मैन्युफेक्चरिंग गुजरात में कंपनी की सावली साइट में हुई है, जबकि प्रोप्लशन सिस्टम एवं इलेक्ट्रिकल सिस्टम को गुजरात के ही मनेजा साइट में तैयार किया गया. मेट्रो की बोगियां और कार बॉडी सावली साइट पर ही बनाई गईं और ट्रेन की टेस्टिंग भी यहीं पर हुई है।
फर्स्ट फेज में तैयार किए जाएंगे तीन कॉरिडोर
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के 17 किलोमीटर लंबे पहले हिस्से में गाजियाबाद, गुलधर और दुहाई स्टेशनों के जरिए साहिबाबाद को जोड़ा गया है. पीएमओ के मुताबिक, पीएम मोदी ने 8 मार्च 2019 को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की नींव रखी थी. बयान में कहा गया कि दिल्ली एनसीआर में कुल 8 आरआरटीएस कॉरिडोर की पहचान की गई है जिसमें पहले चरण में तीन कॉरिडोर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर और दिल्ली-पानीपत को बनाया जाना है. इनमें से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तैयार हो गया है।
रैपिड मेट्रो 160 किलोमीटिर प्रति घंटा की रफ्तार से पटरी पर दौड़ेगी और हर 15 मिनट में यात्रियों को रैपिडएक्स मेट्रो स्टेशन पर मिल जाएगी. प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से मेरठ तक के 82 किमी लंबा रूट तैयार किया जाना है, जिसमें 17 किमी का निर्माण हो चुका है और शनिवार से यात्री इसका लाभ ले सकेंगे।
A significant enhancement to India's transportation infrastructure! The Delhi-Meerut RRTS Corridor will bring a substantial transformation to regional connectivity. https://t.co/WxdtLzrAxE
— Narendra Modi (@narendramodi) October 20, 2023















