आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है, वह आज 72 साल के हो गए। पीएम मोदी के बारे में कहा जाता है कि वह व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में खुद को काफी अनुशासित रखते हैं…
नईदिल्ली (ए)। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। वह आज 72 साल के हो गए। पीएम मोदी के बारे में कहा जाता है कि वह व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में खुद को काफी अनुशासित रखते हैं। कई मौके पर इसके उदाहरण भी देखने को मिले हैं। गुजरात बीजेपी के नेता कश्यप शुक्ला ने मोदी स्टोरी के जरिए प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ा एक किस्सा सुनाया है। एक कार्यक्रम में जब वह सिर्फ तीन मिनट की देरी से पहुंचे तो वहां उन्होंने आयोजकों और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से माफी मांगी थी। कश्यप शुक्ला बताते हैं, ‘यह बात 35-40 साल पुरानी है, जब नरेंद्र भाई गुजरात में पार्टी के महासचिव थे। नरेंद्र भाई संगठन में कैसे काम करते थे, इसके बारे में मैंने नजदीक से जाना है और उन्हें पहचाना है। 1992 की बात है। गुजरात के राजकोट में पार्टी की एक बैठक हुई थी। महासचिव होने के नाते नरेंद्र भाई इस बैठक में शामिल होने के लिए आ रहे थे। बैठक में शामिल होने वाले सभी लोग रात में ही राजकोट पहुंच गए थे। नरेंद्र भाई सुबह जल्दी उठकर सड़क के रास्ते अहमदाबाद से राजकोट आ रहे थे। उस समय कोई बड़ी गाड़ी नहीं थी। वह मारूती की छोटी सी स्टीम कार लेकर राजकोट आ रहे थे। नरेंद्र भाई को बैठक स्थल पर पहुंचाने की जिम्मेदारी मेरी थी।’ बीजेपी नेता आगे बताते हैं, ‘मीटिंग शुरू होने वाली थी। रास्ते में उन्होंने मुझसे पूछा कि कश्यप हम लेट तो नहीं हो रहे हैं। हमने उनसे कहा कि नहीं, हम अपने समय से 10 मिनट पहले चल रहे हैं। उनका व्यक्तित्व काफी विशाल है। मैं उस समय काफी छोटा कार्यकर्ता था। मैं उन्हें देखकर मंत्रमुग्ध हो गया था। मीटिंग की शुरुआत हो चुकी थी। उनकी बारी आई। स्टेज पर जैसे ही नरेंद्र भाई की बारी आई तो उन्होंने सबसे पहले बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा मैं तीन मिनट लेट आया हूं।’ कश्यप शुक्ला महज तीन मिनट की देरी के लिए माफी मांगने को नरेंद्र मोदी का बड़प्पन मानते हैं।
नरेंद्र मोदी की जीवनी: नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ। मोदी जब सिर्फ आठ साल के थे, तभी वह राष्ट्रीय स्वयेसंवक संघ (RSS) के संपर्क में आए। वह महज 20 साल की उम्र में पूरी तरह से आरएसएस के प्रचारक बन गए। वह पहली बार 1971 में औपचारिक रूप से आरएसएस में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुरकर नहीं देखा। मोदी ने बचपन में वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में अपने पिता की भी मदद की।1985 में आरएसएस ने नरेंद्र मोदी को भाजपा को सौंपा था। पार्टी ने उन्हें 1987 में अहमदाबाद नगरपालिका में बीजेपी के चुनावी अभियान को संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी। इस चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिली। 1987 में नरेंद्र मोदी को गुजरात ईकाई का ऑर्गेनाइजिंग सचिव बनाया गया। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा और 1991 में मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा को आयोजित करने में मदद की।
1995 में नरेंद्र मोदी को भाजपा का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया और वह गुजरात से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बीजेपी के चुनाव अभियान का नेतृत्व भी किया। इसके एक साल बाद ही उनका प्रमोशन हो गया। पार्टी ने उन्हें महासचिव (संगठन) बनाया। 6 वर्षों तक केंद्रीय टीम में काम करने के बाद बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को फिर गुजरात वापस भेजा। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजकोट में उन्होंने कांग्रेस के अश्विनी मेहता को 14 हजार से अधिक मतों से चुनाव हरा दिया। आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी का यह पहला चुनाव था। नरेंद्र मोदी 12 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहे। 2014 में नरेंद्र मोदी भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने 2019 में भी भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत दिलाई। मोदी के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह है कि वह पहली बार विधायक बने तो गुजरात के मुख्यमंत्री बने। इसी तरह वह पहली बार सांसद बने तो भारत के प्रधानमंत्री बने।
पीएम मोदी की कर्मभूमि वाराणसी को बड़ा तोहफा, SEO की पहली सांस्कृतिक और पर्यटन राजधानी घोषित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि वाराणसी शहर को शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की पहली सांस्कृतिक एवं पर्यटन राजधानी घोषित किया गया। एससीओ के नेताओं ने वाराणसी को वर्ष 2022-23 के लिए समूह की पहली ‘पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में समर्थन दिया। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने मीडिया ब्रीफिंग में यह जानकारी दी।क्वात्रा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 2022-23 के दौरान वाराणसी को एससीओ पर्यटक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में मान्यता देने के लिए सभी सदस्य देशों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘यह भारत और क्षेत्र के बीच अधिक सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संबंधों के द्वार खोलता है। विदेश सचिव ने कहा कि वाराणसी को मिली इस पहचान का जश्न मनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र के सहयोग से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। क्वात्रा ने कहा कि एससीओ ने भारत की पहल पर ‘स्टार्टअप’ और नवोन्मेष पर एक विशेष कार्य समूह स्थापित करने का भी फैसला किया है।
क्या है एससीओ? एससीओ का मुख्यालय बीजिंग में है। एससीओ आठ देशों की सदस्यता वाला एक आर्थिक एवं सुरक्षा गठबंधन है, जिसमें चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं। 9 जून, 2017 को भारत और पाकिस्तान ने इसकी सदस्यता ली। इस साल का एससीओ शिखर सम्मेलन शुक्रवार को ही खत्म हुआ है। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान गए हुए थे।
मोदी के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर लगाएगी, अभियान चलाएगी भाजपा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’ आयोजित करेगी और इसके तहत वह रक्तदान शिविर लगाएगी, स्वच्छता अभियान चलाएगी तथा ‘विविधता में एकता’ उत्सव मनाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की जयंती तक आयोजित होने वाले इस ‘सेवा पखवाड़ा’ का मुख्य उद्देश्य ‘गरीबों, शोषितों, वंचितों तक पहुंच सुनिश्चित करना और उनके जीवन में गुणात्मक सुधार लाना है।’
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता देश के सभी जिलों में ‘विविधता में एकता’ उत्सव मनाएंगे और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश देंगे। सिंह ने बताया कि इस पखवाड़े के दौरान पार्टी कार्यकर्ता पौधारोपण, स्वच्छता और जागरूता अभियान भी चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता दिव्यांग जनों के बीच उपकरणों का वितरण करेंगे, खादी के उत्पादों को प्रोत्साहित करेंगे और मुफ्त स्वास्थ्य जांच केंद्र लगाएंगे।
PM मोदी को मिले उपहार होंगे निलाम, नेताजी की प्रतिमूर्ति, गणेश प्रतिमा की लगेगी बोली
मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमूर्ति और राष्ट्रमंडल खेलों के विजेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किए गए उपहारों सहित तकरीबन अन्य 1,200 उपहारों की शनिवार से नीलामी आरंभ होगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को कहा कि भगवान गणेश की प्रतिमा, अयोध्या में बन रहे राम मंदिर और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृतियां भी प्रधानमंत्री को भेट किए गए उपहारों में शामिल है, जिनकी ई-नीलामी की जाएगी। ई-नीलामी से प्राप्त हुई धनराशि ‘नमामि गंगे’ मिशन को दान की जाएगी।
उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में जगद्गुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल पर स्थापित उनकी भव्य प्रतिमा का निर्माण करने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज ने इसी साल अप्रैल में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और उन्हें अखंड पत्थर से बनी नेताजी की दो फुट ऊंची प्रतिमा का मॉडल भेंट किया था। उस समय मोदी ने ट्वीट कर कहा था, ”आज अरुण योगीराज से मिलकर बहुत खुशी हुई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की उत्कृष्ट प्रतिमा भेंट करने के लिए मैं उनका आभारी हूं।”















