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पुलिस के पास समस्या का हल है लेकिन लोगो को पुलिस तक आना जरूरी है : कौशलेंद्र देव पटेल

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। पढ़ाई के दौरान कोई विशेष माहौल नही था, पिताजी लेक्चरर थे और माताजी गृहणी। जॉब की तैयारी शुरू किया तो शिक्षाकर्मी, पटवारी और एडीओ की परीक्षाओं में लगातार सफलताएं मिली। मेरे पड़ोस में एक नायब तहसीलदार रहते थे, उन्होंने मुझे सजेस किया कि सीजीपीएससी की परीक्षा भी देनी चाहिए, तब मैंने इसकी तैयारी शुरू की और परीक्षा दिया तथा मैं उप पुलिस अधीक्षक के पद पर चयनित हुआ। यह सब बातें छावनी सीएसपी कौशलेंद्र देव पटेल ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।

सीएसपी कौशलेंद्र देव पटेल की प्रारंभिक शिक्षा (पांचवी तक) दंतेवाड़ा के शासकीय विद्यालय (पांचवी तक) में हुई थी। हायर सेकंडरी तक कि शिक्षा इन्होंने शासकीय विद्यालय कोंडागांव से पूरी की। वर्ष 2005 में इन्होंने शासकीय महाविद्यालय, कोंडागांव से साइंस में स्नातक की डिग्री हासिल किया। इसी वर्ष इनका चयन शिक्षाकर्मी वर्ग-2 के लिए हुए तथा इनकी पोस्टिंग बीजापुर के कुटरू में हुआ। जहां इन्होंने वर्ष 2008 तक अपनी सेवाएं दी। शिक्षा कर्मी की नौकरी करते हुए इन्होंने सीजी पीएससी की तैयारी शुरू की और इनका प्री एग्जाम क्लियर होने के बाद ये आगे की तैयारी के लिए बिलासपुर आ गए। इस दौरन इनका चयन पटवारी और एडीओ के लिए भी हुआ पर इन्होंने वहां जॉइनिंग नही किया। पीएससी के पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद इनका चयन नही हुआ। इन्होंने हार नही मानी और तैयारी जारी रखी और अपने दूसरे प्रयास में इन्हें सफलता मिली और 2011 बैच में यह डीएसपी के पद पर चयनित हुए।

ट्रेनिंग के बाद बतौर प्रशिक्षु इन्हें बलौदाबाजार जिला में पोस्टिंग मिली, जहां यह वर्ष 2015 से तक 2017 तक अपनी सेवाएं दी इस दौरान यह बिलाईगढ़, भाटापारा, कोतवाली के थाना प्रभारी रहे। वर्ष 2017 में इन्हें एसडीओपी पिथौरा (महासमुंद) की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां इन्होंने वर्ष 2019 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2019 में इन्हें एसडीपीओ अंतागढ़ (कांकेर) की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां इन्होंने अगस्त 2021 तक अपनी सेवाएं दी। अगस्त 2021 में इन्हें मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृहजिला की बड़ी जिम्मेदारी सौपते हुए दुर्ग सीएसपी की जिम्मेदारी दी गई, उसके बाद इन्हें सीएसपी छावनी की जिम्मेदारी दी गई है जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।

सीएसपी कौशलेंद्र देव पटेल के पिता जी लेक्चरर और माताजी गृहणी है और यह अपने माता पिता को ही अपना आदर्श मानते है। चेस व बैडमिंटन खेलने और परिवार के साथ घूमने में इनकी विशेष रुचि है। काम करने के उद्देश्य को लेकर सीएसपी पटेल ने बताया कि मार्केट में पुलिस का भय इतना रहता है कि आम पब्लिक पुलिस से कोसों दूर रहती है इसलिए आम लोगो से ऐसा व्यवहार करें कि वो हमसे जुड़े। लोगों के मन से उस डर को खत्म करे ताकि वो हमसे अपनी समस्याओ को बताए और हम उसकी समस्या का समाधान कर सके। पुलिस के पास समस्या का हल है लेकिन लोगो को पुलिस तक आना जरूरी है, तभी समस्या का समाधान हो पायेगा।

पीएससी की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को टिप्स देते हुए
सीएसपी पटेल ने कहा कि मैंने अपनी तैयारी खुद से की, दोस्तो और टीचरों का सहयोग लिया। पीएससी में मेरे सलेक्ट होने से पहले कोंडागांव में कोई भी सलेक्ट नही हुआ था, जब मैं सलेक्ट हुआ तब मेरी एक सिनियर भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर सलेक्ट हुई थी, जो कि एक ब्रिलिएंट स्टूडेंट थी। हम दोनों एक साथ सलेक्ट हुए तब सीनियर लोग आकर ये बोले कि जो डिप्टी कलेक्टर के लिए सेलेक्ट हुई है वो कोई आश्चर्य की बात नही है क्योंकि वो एक ब्रिलियंट स्टूडेंट है लेकिन आपका सलेक्शन हुआ तो हमको यह कांफिडेंस आया कि हम भी पढ़ाई कर सकते है और पीएससी का एक्जाम निकाल सकते है।

मैं सबसे जुड़ा हुआ हूं अधिकतर लोग मेरे सम्पर्क मैं है उनका कहना है कि आपके चयनित होने के बाद हमारा कांफिडेंस काफी ज्यादा बढ़ गया है और हमे लगा कि हम भी सलेक्ट हो सकते है और आज 50 से ज्यादा लोग सलेक्ट हो चुके है। मैं यही कहूंगा कि मौका मिले तो तैयारी करना चाहिए और एक बार कोशिश जरूर करना चाहिए। कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती।

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