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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाईफीचर्डसाक्षात्कार

पुलिस की नौकरी जनसेवा का बेहतरीन माध्यम है: IG ओम प्रकाश पाल

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। मेरे पिताजी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में थे, उनकी इच्छा थी कि मैं भी सेना में जाऊ। मैं मूलतः बस्ती (उत्तरप्रदेश) से हूँ, बचपन से ही सेना के प्रति आकर्षित  था तो शुरू से ही इच्छा रही थी कि सेना में जाना है, फिर पढ़ाई के दौरान जब नैनीताल गया तब वहां के टीचर्स का व्यवहार भी सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। यह सब बातें दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश पाल ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।

आईजी ओमप्रकाश पाल उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती से है, इनकी प्रारंभिक शिक्षा बस्ती और गोरखपुर में हुई थी। माध्यमिक, हाईस्कूल और हायरसेकंडरी की शिक्षा इन्होंने नैनीताल से पूरी की। वर्ष 1985 में पढ़ाई पूरी करते ही इन्होंने यूपीएससी के जरिये होने वाले एनडीए की परीक्षा भाग लिया और उसमें चयनित होकर सेना में अफसर बने।

वर्ष 1985 से वर्ष 2000 तक इन्होंने सेना में अपनी सेवाएं दी। पहले चार वर्ष तक ट्रेनिंग की। इस दौरान यह जम्मु-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पदस्थ रहे। 15 वर्षो तक सेना में सेवाए देने के बाद इन्होंने रिटायरमेंट लेने के बाद यूपीएससी की तैयारियों में जुट गए और वर्ष 2003 में आईपीएस के लिए चयनित हुए।

इन्हें ट्रेनिंग जिला बिलासपुर मिला। इसके बाद वर्ष 2005 में इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा की जिम्मेदारी दी गई उसके बाद इन्हें पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां इन्होंने वर्ष 2007 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2007 में इन्हें पुलिस अधीक्षक धमतरी की जिम्मेदारी सौंपी गई। जहां इन्होंने 2009 तक अपनी सेवाएं दी। करीब छह माह यह पुलिस अधीक्षक कोरिया के पद पर रहे। वर्ष 2009 से 2010 तक करीब डेढ़ साल चौथी बटालियन माना में कमांडेंट के पद पर पदस्थ रहे।

दिसम्बर 2010 से अगस्त 2011 तक पुलिस अधीक्षक सरगुजा के पद पर पदस्थ रहे। सितंबर 2011 से फरवरी 2013 तक पुलिस अधीक्षक दुर्ग के पद पर अपनी सेवाएं दी। फरवरी 2013 से जून 2015 तक पुलिस अधीक्षक रायपुर की जिम्मेदारी संभाली। जून 2015 से फरवरी 2019 तक अतिरिक्त परिवहन आयुक्त के पद पर पदस्थ रहे। मार्च 2019 से नवम्बर 2021 तक डीआईजी प्रशासन और एसआईबी (नक्सल ऑपरेशन) के पद पर अपनी सेवाएं दी। नवम्बर 2021 में इन्हें मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के रेंज दुर्ग की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।

वाइल्ड लाइफ, पक्षियों से लगाव और घूमने फिरने में विशेष रुचि रखने वाले आईजी ओपी पाल ने अपने कार्य करने के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि पुलिस की नौकरी जनसेवा का बेहतरीन माध्यम है और कार्य करने का उद्देश्य यही रहा है कि लोगो की अपेक्षाओ पर हम पुलिस विभाग और व्यक्ति के रूप में खरा उतर सके। समाज के निर्माण में पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे, लोगो के जीवन को सुगम बनाये। हमारे अधिनस्त जो लोग रहे है, वह अपने कर्तव्य का निर्वहन उचित तरीके से करे।

आज के यूथ के पास व्यापक अवसर है साथ ही चुनौतिया भी बढ़ी है, उसमें अपने ऊंचे हौसले के साथ देश और समाज के लिए सार्थक काम करे, अपनी मंजिल चुने। जरूरी नही की आप क्या है, बल्कि आपका योगदान सार्थक होना चाहिए। अपने काम को योग्यता और खुशी के साथ निभाये।

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