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पुलिस अधीक्षक ने एक साथ 75 पुलिसकर्मियों की रोकी वेतन, चेतावनी के बाद भी नहीं सुधर रहे थे

75 पुलिसकर्मियों को बार-बार चेतावनी दी जा रही थी। वर्किंग स्टाइल पर असर हो रहा था। इसके बाद पुलिस कप्तान ने एक्शन लिया…

पूर्णिया (ए)। पुलिस अधीक्षक उपकेंद्र नाथ वर्मा ने एक साथ 75 पुलिस अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अब भी सुधार नहीं हुआ तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन पुलिस अधिकारियों की घोर प्रतिस्पर्धा सामने आई है, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की है।

जिले के कई नाटकों की पुलिस की कार्यशैली से लोग परेशान हैं। लगातार हो रही अपराध की घटना और उसके अनुसंधान में देरी हो रही है। इसके लिए कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा था।

इसी वजह से इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। होटल निषेधाज्ञा का अटेम्प्ट पुलिस अधीक्षक ने जारी किया है। उन्होंने बताया कि जिलों में होने वाले 75 पुलिस अधिकारियों को बार-बार चेतावनी दी जा रही थी। वर्किंग स्टाइल से रिसर्च पर असर हो रहा था। कई बार मामले के निष्पादन में नोबेल पुरस्कार विजेता की नियुक्ति जारी थी।

एसपी उपकेंद्र नाथ वर्मा ने एक साथ 75 पुलिस पेंशन के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। एसपी के आदेश के बाद इन सभी पुलिसकर्मियों के वेतन पर विद्युत प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वेतन प्रतिबंध के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो और भी सख्त कार्रवाई के लिए जाने के संकेत पुलिस अधीक्षक ने दिए हैं। भरोसेमंद अधिकारियों को भी निलंबित किया जा सकता है।

एसपी ने जिन पुलिस स्टेशनों के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है, इसमें सबसे अधिक शहर के प्रमुख मंर्गा स्टेशन शामिल हैं। यहां की आठ पुलिस की मान्यता, बड़हरा कोठी एवं टीकापट्टी तथा भवानीपुर की सात-सात पुलिस की मान्यता, मुफ्फसिल एवं अमौर थाने की छह-छह पुलिस की मान्यता निर्धारित की गई है। उनके अलावा केनगर थाने के चार, कस्बा थाने के तीन, सदर थाने के तीन, सहायक खजांची थाने के चार, रूपौली थाने के तीन, रोटा थाने के चार पुलिस कर्मियों के वेतन पर रखा गया है। 

चम्पानगर एवं श्रीनगर थाने के दो-दो पुलिस पेंशन के वेतन पर भी रोक लगा दी गई है। इन रिसर्च कर्ता द्वारा कई मामलों में लंबे समय तक नौकरी छोड़ दी गई है और परीक्षण के बाद भी सभी रिसर्च कर्ता द्वारा कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।

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