शव की अंतिम यात्रा के दौरान भी दोनों पक्षों में पथराव की घटना हुई थी।गिरफ्तारी की मांग लगातार बढ़ रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वही बात सामने आई, जो प्राथमिकी में कही गई थी। यानी, गोली मारने और कुचल कर हत्या किए जाने की। इस बीच, शनिवार शाम अनंत सिंह ने 48 घंटे बाद फिर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। प्रचार शुरू करने के कुछ ही घंटे बाद अनंत सिंह को भारी तनाव के बीच गिरफ्तार करने के लिए पटना से पुलिस पहुंची थी…
पटना (ए)। बिहार में चुनाव के दौरान मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसा और जनसुराज के समर्थक दुलारतंद यादव की गोली मारकर हत्या करने के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में आयोग ने बाढ़ के एसडीओ चंदन कुमार और एसडीपीओ राकेश कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। वहीं, बाढ़-2 के एसडीपीओ अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, निर्वाचन आयोग ने इसके साथ ही पटना (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग का तबादला करने का निर्देश भी दिया है। गौरतलब है कि यह कदम आयोग ने क्षेत्र में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने और प्रशासनिक निष्क्रियता की शिकायतों के मद्देनजर उठाया है।
इससे पहले, बीते दिन मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान हुई फायरिंग में दुलारचंद यादव की मौत के मामले को लेकर चुनाव आयोग ने बिहार के डीजीपी से रिपोर्ट तलब की थी। बता दे कि बीते मंगलवार को मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें दुलारचंद यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर का बड़ा खुलासा
इससे पहले, दुलारचंद यादव की हत्या के बाद बीते दिन उनकी अंतिम यात्रा में भी जमकर बवाल हुआ था। वहीं दुलारचंद की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए है। इसमें बताया कि दुलारचंद यादव का अनुमंडलीय अस्पताल में तीन सदस्यीय टीम के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। इस टीम में डॉ अजय कुमार, डॉ रोहन और डॉ दिलीप शामिल थे।
दुलारचंद यादव के अनुमंडलीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉ अजय कुमार ने बताया था कि दुलारचंद यादव की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में जो बात सामने आई वह यह है कि उन्हें अंदरूनी चोट थी। बाएं पैर में गोली लगी है, लेकिन उस गोली से मौत नहीं हो सकती। गोली ठेहुना के आर-पार हो गई थी। पूरे शरीर में चोट लगी थी। सीने में भी चोट थी। 10-12 एक्स रे भी किया गया है, जिसका रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
वहीं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह को आखिर गिरफ्तार कर लिया गया है। सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि अनंत सिंह मोकामा विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन समर्थित जदयू प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। अनंत सिंह की विधायकी पिछली बार एक मामले में सजा मिलने पर गई थी। विधायकी जाने के बाद अनंत सिंह ने अपनी पत्नी नीलम देवी को चुनाव में उतारा था। वह उप चुनाव में विधायक बनी थीं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना हाईकोर्ट से बरी होने के बाद अनंत सिंह इस बार मैदान में थे, लेकिन गुरुवार को दुलारचंद यादव की हत्या मामले में नामजद प्राथमिकी के बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
मोकामा टाल में राष्ट्रीय जनता दल के कई दशकों से मजबूत चेहरा रहे दुलारचंद यादव पिछले दिनों प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पियूष प्रियदर्शी के साथ आए गए थे। दुलारचंद यादव गुरुवार को प्रियदर्शी के प्रचार काफिले में थे, तभी जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह के काफिले से उनका सामना हो गया। दोनों काफिले में शामिल लोगों के बीच तनातनी और फिर पथराव की घटना हुई। इसी दरम्यान आरोप है कि अनंत सिंह और उनके समर्थकों ने पहले दुलारचंद यादव को पैर में गोली मारी और फिर गाड़ी से कुचल दिया।
इस मामले में दुलारचंद यादव के पोते की ओर से दर्ज प्राथमिकी में अनंत सिंह भी नामजद हैं। अनंत सिंह के समर्थकों की ओर से भी एक प्राथमिकी दर्ज कर दूसरे पक्ष पर पथराव-मारपीट का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा एक प्राथमिकी पुलिस ने चुनाव के मद्देनजर दर्ज की थी। प्राथमिकी में नाम और मौके पर मौजूदगी को देखते हुए चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार पुलिस ने गुरवार-शुक्रवार मध्य रात्रि बाढ़ के कारगिल मार्केट से अनंत संह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे।