पंडुचेरी। पुडुचेरी विधानसभा में विश्वासमत के दौरान कांग्रेस पार्टी की सरकार गिर गई है। मुख्यमंत्री नारायणसामी ने उपराज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। आपको बता दें कि छह विधायकों के इस्तीफा देने के बाद नारायण सामी की सरकार अल्पमत में आ गई थी। दो विधायकों ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यहां सियासी संकट और गहरा गई। आज पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी ने समर्थक विधायकों के साथ विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। उपराज्यपाल से मुलाकात कर उन्होंने अपना त्यागपत्र दे दिया। इससे पहले विधानसभा में पुडुचेरी के सीएम वी. नारायणसामी ने कहा, ”हमने द्रमुक और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई। उसके बाद, हमने विभिन्न चुनावों का सामना किया। हमने सभी उपचुनाव जीते हैं। यह स्पष्ट है कि पुडुचेरी के लोग हम पर भरोसा करते हैं।” उन्होंने पूर्व एलजी किरण बेदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘बेदी और केंद्र सरकार ने विपक्ष के साथ टकराव किया और सरकार को गिराने की कोशिश की। जैसे ही हमारे विधायक एकजुट हुए, हम अंतिम 5 वर्ष निकालने में सफल रहे। केंद्र ने पुडुचेरी के लोगों के साथ विश्वासघात किया है।”विधानसभा में उन्होंने कहा तमिलनाडु और पुडुचेरी में हम दो भाषा प्रणाली का पालन करते हैं लेकिन भाजपा हिंदी को लागू करने के लिए जबरन कोशिश कर रही है। नारायण सामी ने कहा विधायकों को पार्टी के प्रति वफादार रहना चाहिए। इस्तीफा देने वाले विधायक लोगों का सामना नहीं कर पाएंगे क्योंकि लोग उन्हें अवसरवादी कहेंगे।
आपको यह भी बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने अपने एक विधायक को पिछले साल बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 33 सदस्यीय विधानसभा में 30 निर्वाचित सीटें हैं और तीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नॉमिनेटेड सदस्य हैं। कांग्रेस के वर्तमान में नौ विधायक हैं। इनमें विधानसभा अध्यक्ष एसपी शिवकोलुंदी भी शामिल हैं।















