नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर से कोरोना वायरस के खतरे के चलते देश को संबोधित किया। महज एक हफ्ते के भीतर पीएम मोदी ने लगातार दूसरी बार देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज रात 12 बजे से पूरे देश में लॉकडाउन हो जाएगा। यानि आज रात 12 बजे के बाद आप सड़क पर नहीं निकल सकते हैं। पीएम ने कहा कि यह लॉकडाउन जनता कर्फ्यू से कहीं ज्यादा सख्त होगा। आप लोग इस लॉकडाउन को कर्फ्यू ही समझे। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के संक्रमण की भयावह स्थिति के बारे में देश को बताया। इस दौरान पीएम ने साफ तौर पर कहा कि आप अपने घरों में रहिए, जान है तो जहान है। पीएम ने कहा कि इस वायरस से बचने के लिए अगर दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया तो इससे कितना नुकसान हो सकता है इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
एक व्यक्ति से 100 लोगों में फैल सकता है..
पीएम मोदी ने कहा कि यह वायरस एक व्यक्ति में हो तो अकेले वह व्यक्ति 100 लोगों में फैला सकता है। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल सही लगता है, उसके भीतर किसी भी तरह के लक्षण नहीं दिखते हैं। लेकिन फिर उसके भीतर लक्षण दिख जाते हैं। लिहाजा हमे घर से बाहर बिल्कुल नहीं निकलना है। इसके फैलने की चेन को तोड़ना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आपको सही जानकारी देने वाले मीडिया कर्मियों के बारे में सोचिए, पुलिसकर्मियों के बारे में सोचिए, जो घर परिवार की चिंता किए बना, आपके परिवार को बचाने के लिए दिन रात ड्यूटी कर रहे हैं और कई बार कुछ लोगों की गुस्ताखी का शिकार हो जाते हैं, गुस्सा भी झेल रहे हैं।
वचन निभाना है
पीएम ने कहा कि भारत आज उस स्टेज पर है, जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। यह समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है। कदम-कदम पर संयम बरतने का है। आपको याद रखना है, जान है तो जहान है। यह धैर्य के समय की परीक्षा है। हमे अपना वचन निभाना है। मेरी आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थन है कि आप घरों में रहकर उन लोगों के लिए मंगलकामना करिए, जो लोग खुद को खतरे में डालकर काम कर रहे हैं। वो डॉक्टर, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, पैथोलोजी, जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए दिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं।
आवश्यक वस्तुएं उपलब्थ रहेंगी
पीएम ने कहा कि रोज मर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा ना हो, इसके लिए प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है। सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बनी रही, इसके सभी उपाय किए गए हैं, और आगे भी किए जाएंगे। संकट की यह घड़ी गरीबों के लिए भी बहुत मुश्किल वक्त लेकर आई है। केंद्र और राज्य सरकार के साथ समाज के अन्य संगठन गरीबों को मुसीबत कम हो इसके लिए निरंतर जुटे हुए हैं। जीवन जीने के लिए जो जरूरी है उसके लिए सारे प्रयासों के साथ ही जीवन बचाने के लिए जो जरूरी है उसे सर्वेच्च प्राथमिकता देनी ही पड़ेगी। देश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का काम देश लगातार कर रहा है।









