धमतरी। पुलिस मुख्यालय रायपुर के द्वारा जे.जे.एक्ट एवं पाक्सो एक्ट,जुआ एक्ट कानून प्रवर्तन प्रभावशील एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। इसी तारम्य में पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर के निर्देश एवं उपस्थिति में पाक्सो एक्ट,जे.जे.एक्ट और छ.ग. जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के कानून प्रवर्तन प्रभावशील एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
अधिनियम से संबंधित मामलों के अन्वेषण एवं कार्यविधि के संबंध में पुलिस अधिकारियों को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन पुलिस कार्यालय धमतरी सभा गृह में किया गया।
कार्यशाला में जे.जे.न्याय बोर्ड के अध्यक्ष सीमा प्रताप चंन्द्रा, पुलिस अधीक्षक धमतरी प्रशांत ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर साहू, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण कांति कुमार सिंह, जिला लोक अभियोजक अजय कुमार सिंह मंचस्थ रहे। कार्यशाला का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत कर किया गया।
जे.जे.न्याय बोर्ड के अध्यक्ष सीमा प्रताप चंन्द्रा ने जे.जे. एक्ट के मामलों में दिए गए प्रावधानों का नियमत: अनुपालन करना चाहिए। पुलिस द्वारा जे.जे.एवं पाक्सो एक्ट के तहत प्रक्रियाओं का क्रमबद्ध पालन करते हुए की गई विधिवत कार्यवाही व न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में बताया गया।
सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण कांति कुमार सिंह द्वारा बताया गया की अधिनियम में विधिक अधिकार उपलब्ध कराये गए हैं, जिनकी जानकारी उन्हें दी जाकर उसका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पाक्सो एक्ट के मामले की विवेचना में त्रुटि हो तो विवेचना को प्रभावित कर सकती है इस दौरान पुलिस अधिकारियों को त्रुटि हो तो बचना चाहिए एवं पाक्सो एक्ट के मामले को गंभीरता से लेते हुये दिये गये प्रावधानों का पालन करना चाहिए।
विवेचना को प्रभावशील बनाने दिए गए प्रावधानों के तहत संपूर्ण कार्यवाही करने के निर्देश दिए साथ ही विधिक सम्मत सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए निष्पक्ष विवेचना किया जाना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि जे.जे.एक्ट एवं पाक्सो एक्ट के मामलों में दिए गए कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्णत: पालन करते हुए समय-समय पर हुए संशोधन अनुसार कार्यवाही की जानी चाहिए तथा विवेचना अधिकारियों को अल्पतम त्रुटि से भी बचना चाहिए।
विवेचना दौरान की गई सुक्ष्मतम त्रुटि से अभियुक्त को लाभ मिलता है।
सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण कांति कुमार ने कहा कि सभी मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का विधिवत पालन करना चाहिए। साथ ही अभियुक्त के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया अपनानी चाहिए। अभी होने वाले लोकअदालत में अधिक से अधिक संमंस वारटों के तामिली करने हेतु बताया गया।
डीपीओ.अजय सिंह के द्वारा भी जुआ एक्ट,ऑन लाईन सट्टा के मामले में भी हुए संशोधन हुए नये प्रावधानों के संबंध में बताया गया। जुआ एक्ट के में हुए संशोधन एवं कार्यवाही हेतु दिए गए प्रावधानों के संबंध में विधिवत जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित विवेचना अधिकारियों द्वारा किए गए प्रश्नों एवं संशय का भी निराकरण किया गया।
इकाई के समस्त थाना प्रभारी एवं उनके साथ आए विवेचना अधिकारियों को जे.जे.एक्ट,पाक्सो एक्ट,जुआ एक्ट के अन्वेषण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई साथ ही पुलिस अधिकारियों द्वारा अधिनियम अंतर्गत कार्यवाही के संबंध में चर्चा भी की गई। कार्यशाला के समापन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा अतिथियों का आभार प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर साहू, एसडीओपी.कुरूद कृष्ण कुमार पटेल,उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के.के. वाजपेयी,उप पुलिस अधीक्षक सारिका वैद्य,उप पुलिस अधीक्षक एसजेपीयू.नेहा राव पवार,समस्त थाना/चौकी प्रभारी,लोक अभियोजक अजय कुमार सिंह, सूबेदार रेवती वर्मा,यातायात प्रभारी, कंट्रोल रुम प्रभारी एवं समस्त थाना प्रभारी उनके साथ आए विवेचनाधिकारी व कर्मचारी सम्मिलित रहे।









