भिलाई। राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आज भिलाई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की तुलना झीमर घाटी हत्याकांड से की। उन्होंने कहा कि दोनों ही घटना में सरकारों की इंटेलीजेंस फेल थी और जिस तरह पहलगाम में हिन्दुओं का धर्म पूछकर गोली मारी गई ठीक उसी तरह झीमर घाटी में भी कांग्रेसियों के नाम पूछ-पूछ कर मारा गया था।
श्री बघेल कहा कि आतंकवाद से लड़ने कांग्रेस सहित सभी राष्ट्रीय और प्रादेशिक दल भारत सरकार के साथ है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा इस आपदा में अवसर ढूंढ रही है। सोशल मीडिया में गलत ढंग से प्रचारित कर रही है। उन्होंने कहा कि पहलगाम मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए कि इस घटना में मारे गए 28 मृतकों के परिवार को न्याय कब मिलेगा।
श्री बघेल ने कहा कि आखिर ये घटना क्यों हुई, किसकी गलती से हुई इसकी जांच होनी चाहिए और जिसकी गलती है उसको सजा मिलनी चाहिए, पहलगाम में जहां इतनी बड़ी संख्या में सैलानी जाते है, वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं थे? वहां ना सेना थी ना पुलिस के जवान थे, आखिर इंटेलिजेंस क्या कर रही थी जो इतनी बड़ी घटना की उनको जानकारी नहीं लगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होता है, तब-तब कांग्रेस के नेताओं को ईडी, आईटी और सीबीआई परेशान करने पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार नेशनल हेराल्ड मामले में जानबूझकर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं को बदनाम किया जाता है। नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र ने देश के आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी, ये हमारे लिए धरोहर है। इस मामले में धोखाधड़ी की अलग अलग राशि का जिक्र कर रहे है। इसमें कोई घोटाला नहीं हुआ है।
















