बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग के बीच जबरदस्त हिंसा, कांग्रेस नेता का दावा- हुई 26 लोगों की मौत…
कोलकाता (ए)। पश्चिम बंगाल में शनिवार (8 जुलाई) को पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान हुई हिंसा में अब तक 11 लोगों की जान चुकी है. हिंसा की घटनाओं को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकान्त मजूमदार से भी बात की और कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी ली। पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को मतदान हुआ है. इस दौरान कई जगह हिंसा हुई है. अधिकारियों ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि हिंसा में मारे गए लोगों में तृणमूल कांग्रेस के छह सदस्य, बीजेपी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक-एक कार्यकर्ता और एक अन्य व्यक्ति शामिल है. हिंसक झड़पों में कई लोग घायल भी हुए हैं।
इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में मतदान केंद्रों पर मतपेटियों को नष्ट किए जाने की खबरें हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी हिंसा पर पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी और बीजेपी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी मंगल पांडे से बात की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और हम इस लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक स्तर तक ले जाएंगे।
बीजेपी ने की राष्ट्रपति शासन की मांग इस हिंसा पर पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल ने राजीव सिन्हा (राज्य चुनाव आयुक्त) को नियुक्त करके सबसे बड़ी गलती की है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कई लोग मारे गए हैं, उन्हें टीएमसी के गुंडों ने मारा है. राज्य सरकार के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न होना बहुत मुश्किल है. ये तभी संभव है जब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाये या अनुच्छेद 355 का इस्तेमाल किया जाए।
टीएमसी का विपक्ष पर आरोप इस बीच सत्तारूढ़ टीएमसी ने विपक्षी दलों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया और मतदाताओं की सुरक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय बलों की आलोचना की. टीएमसी ने एक बयान में कहा कि आठ जून को पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद से 27 लोग मारे गए हैं और उनमें से 17 लोग तृणमूल से हैं, जो कुल मौतों का 60 प्रतिशत से अधिक है।
बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने कहा कि चुनाव एक मजाक बन गया है क्योंकि टीएमसी के गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं और लोगों का जनादेश लूट लिया गया है. बंगाल में जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो रहा है. चुनावों के लिए राज्य पुलिस के करीब 70,000 कर्मियों के अलावा केंद्रीय बलों की 600 कंपनियां तैनात की गई हैं।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “सत्तारूढ़ दल टीएमसी पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग ने बंगाल में आतंक का राज कायम कर दिया है. उनका दावा है कि मरने वालों की संख्या 26 हो गई है और सैकड़ों लोग जो घायल हुए हैं अस्पताल में भर्ती हैं. बंगाल में राजनीतिक और चुनावी माहौल हिंसा से भरा हुआ है. यह लोकतंत्र का मखौल और पंचायत चुनावों का मखौल के अलावा और कुछ नहीं है. यह चुनावी लूट-खसोट का एक शानदार उदाहरण है।
कल रात से 10 राजनीतिक हत्याएं
पश्चिम बंगाल में कल रात से अब तक 10 राजनीतिक हत्याएं. चुनाव के एलान के बाद से कुल 29 हत्याएं हो चुकी हैं
1. कूचबिहार के तूफ़ानगंज में कल देर रात टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या, तूफ़ानगंज दो नंबर ब्लॉक की घटना, कल देर रात किसी ने धारदार हथियार से की हत्या.
2. कूचबिहार में ही बीजेपी के कार्यकर्ता माधव विश्वास की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई.
3. मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में टीएमसी समर्थक की हत्या की गई.
4. मुर्शिदाबाद के खारग्राम में टीएमसी के कार्यकर्ता सबीरुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई. सबीरुद्दीन पर कांग्रेस के कार्यकर्ता की हत्या का आरोप भी था.
5. मुर्शिदाबाद- सीपीएम कार्यकर्ता रेबिना बीबी को गोली लगने के बाद मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी भी मौत हो गई.
6. मुर्शिदाबाद के लालगोला में एक सीपीएम कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई.
7. मालदा के मानिक चौक में तृणमूल के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है.
8. पूर्वी बर्दवान में टीएमसी कार्यकर्ता की मौत हो गई.
9. साउथ 24 परगना के बसंती में एक टीएमसी कार्यकर्ता की बम विस्फोट में मौत हो गई
10. नादिया में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या.
11. मुर्शिदाबाद में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या हुई. आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा है.









