प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में कई स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब दिए…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों, उनके माता-पिता और शिक्षकों से बात की. इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के कई सवालों के जवाब दिए. इसी बीच एक सवाल ऐसा आ गया कि पीएम मोदी को इस पर ‘आउट ऑफ सिलेबस’ कहना पड़ा।
दक्षिण सिक्किम के एक स्कूल में पढ़ने वाली ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा अष्टमी सेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि जब विपक्ष और मीडिया आपकी आलोचना करते हैं तो आप इसका कैसे सामना करते हैं? इस पर पीएम मोदी ने कहा, ”कोई सवाल जब आपको (स्टूडेंट्स) को ठीक से नहीं आते तो आप कहते हैं कि यह आउट ऑफ सिलेबस है. यह भी आउट ऑफ सिलेबस ही है. मैं समझता हूं कि आप क्या कहना चाहते हैं, लेकिन आप मुझे नहीं जोड़ते तो आप और अच्छे से पूछ सकते थे. आप जानते हैं कि परिवारवाले भी सुन रहे हैं तो बड़ी चुतराई से आपने मुझे इसमें लपेट लिया।
समृद्ध लोकतंत्र के लिए आलोचना एक शुद्धि है’ पीएम नरेन्द्र मोदी ने आगे कहा, ”जहां तक मेरा सवाल है तो मेरा मानना है कि समृद्ध लोकतंत्र के लिए आलोचना एक शुद्धि है. यह समृद्ध लोकतंत्र की शर्त है. देखना होता है कि आपकी आलोचना करने वाला कौन है? इस पर सारा मामला सेट होता है।
‘आजकल आलोचना नहीं करते, आरोप लगाते है पीएम मोदी ने कहा, “मान लीजिए आप फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं. आपका दोस्त कह रहा है कि यह क्या पहनकर आया तो अलग रिएक्शन होगा लेकिन आपको जो पंसद नहीं अगर वो कहेगा तो आप कहेंगे तू कौन होता है.” साथ ही उन्होंने कहा कि आजकल शॉर्टकट का जमाना है, इसलिए लोग आजकल आलोचना नहीं करते, आरोप लगाते हैं. आलोचना से हम समृद्ध होते हैं जबकि आरोप केवल समय बर्बाद करते हैं. अगर हमने सत्यनिष्ठा से काम किया है तो आरोपों की चिंता मत कीजिए।















