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पब्लिक से जो मुझे सम्मान मिला वो किसी अवार्ड से कम नही है : आईएएस अरविंद एक्का

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। जब परिवार के लोगो के साथ जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि राजस्व कार्यो के लिए शासकीय कार्यालय जाता था तो ये सब प्रमाण पत्र बनाने में बहुत दिक्कत होती थी, लोगो को इधर उधर भटकते देखता था, उनको परेशान होते देखता था, तब मन मे भावना आई थी कि बड़े होकर लोगो की सेवा करेंगे और उनको राहत दिलाएंगे। ये सब बनते दुर्ग जिला में नवपदस्थ एडीएम आईएएस अरविंद एक्का ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इहोने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।
एडीएम अरविंद एक्का की प्रारंभिक और मिडिक क्लास तक कि शिक्षा सेंट जेवियर्स पूर्व माध्यमिक शाला, शांति भवन, जशपुर में हुई थी। इनकी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी तक कि शिक्षा लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुनकुरी जिला जशपुर के छात्रावास में रहकर पूरी हुई।
वर्ष 1993 में इन्होंने एनईएस महाविद्यालय, जशपुर से आर्ट्स विषय मे स्नातक की डिग्री हासिल की। वर्ष 1995 में इन्होंने एनईएस महाविद्यालय, जशपुर से  इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री लेकर आगे की पढ़ाई के लिए रायगढ़ चले गये। वर्ष 1998 में इन्होंने स्वामी बालकृष्णपूरी विधि महाविद्यालय, रायगढ़ से एलएलबी की। स्नातक की डिग्री हासिल करने के साथ ही इन्होंने पीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। दो बार इन्होंने पीएससी मेंस का एग्जाम भी क्लियर किया लेकिन इनका चयन नही हो पाया। इन्होंने हार ना मानते हुए तैयारी जारी रखी और वर्ष 1999 के एमपी पीएससी में इनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ। भोपाल में ट्रेनिंग के बाद इनकी पहली पोस्टिंग वर्ष 2000 से 2001 तक डिंडोरी (मंडला) में रही।
वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद इन्हें जगदलपुर जिला बस्तर में पॉटिंग मिली। उसके बाद इन्होंने कांकेर, गरियाबंद, दंतेवाड़ा, फिर बस्तर आदि जिलों में अपनी सेवाएं दी। मई 2022 में इन्हें आईएएस अवार्ड मिला साथ ही इन्हें जून 2022 में वीवीआईपी जिला दुर्ग की जिम्मेदारी सौपी गई जिसे ये जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।
अपने माता पिता को अपना आदर्श मानने वाले एडीएम अरविंद एक्का को खेती बाड़ी में विशेष रुचि है। इन्होंने बताया कि मेरी माता प्राइमरी स्कूल की टीचर थी, घर परिवार में शुरू से ही अच्छे संस्कार मिले। गुरुजनों और बड़ो का भी अच्छा आशीर्वाद मुझे मिला। छात्र जीवन मे कॉलेज में प्रेसिडेंट रहा।
वर्ष 2013- 14 गरियाबंद पदस्थापना के दौरान विधानसभा, लोकसभा में निर्वाचन में मेरे कार्य को सम्मानित करते हुए मतदाता दिवस 25 जनवरी को बेस्ट टीम लीडर चुना गया। जहां भी पदस्त रहा पब्लिक का जुड़कर काम किया। पब्लिक से जो मुझे सम्मान मिला वो किसी अवार्ड से कम नही है।
काम करने का उद्देश्य यही रहा कि जो भी ग्रामीण या शिकायतकर्ता आवेदन लेकर आये उनकी समस्याओं का निराकरण विधि संगत तरीके से करना और उनको न्याय दिलाना रहा है।
शासन की योजनाओं को जरूरतमंद तक पहुंचने एवं उनका लाभ दिलाने का पूरा प्रयास करता हूं। कार्यालय में जो भी फरियादी आता है उसकी समस्या को ध्यानपूर्वक सुनकर उसे जल्द से जल्द विधि संगत न्याय दिलाने का प्रयास करता हूं।

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