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पंजाब के अति संवेदनशील जोन में 20 मिनट फंसे रहे प्रधानमंत्री मोदी: बस 30 KM दूर है पाकिस्तान बॉर्डर, विपक्ष ने चन्नी सरकार को घेरा

भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक बसे होने की वजह से फिरोजपुर पंजाब का बेहद संवेदनशील जिला है। यहां प्रधानमंत्री की रैली का ऐलान लगभग डेढ़ हफ्ते पहले हो गया था…

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला गरमाने के बाद गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस को पहले से प्रदर्शनकारियों के बारे में खुफिया जानकारी मिल गई थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने ‘ब्लू बुक’ के नियमों का पालन नहीं किया और न ही दूसरे रूट की तैयारी ही की। बता दें कि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी की ब्लू बुक में प्रधानमंत्री की सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देश होते हैं। अधिकारी ने बताया, ‘ब्लू बुक के मुताबिक, ‘राज्य की पुलिस को किसी भी प्रतिकूल स्थिति, जैसा कि पंजाब में देखने को मिला, के समय एक आकस्मिक रूट  की तैयारी पहले से कर के रखनी होती है।’ उन्होंने यह भी बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी लगातार पंजाब पुलिस के संपर्क में थे और उन्हें प्रदर्शनकारियों के बारे में जानकारी भी दी थी और पंजाब पुलिस ने उन्हें पूरी सुरक्षा देने का आश्वसान दिया था।

उन्होंने बताया कि एसपीजी जवान पीएम के चारों ओर घेरा बनाकर रहते हैं, लेकिन बाकी सारे ऐक्शन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। अचानक होने वाले बदलावों की स्थिति में, राज्य की पुलिस एसपीजी को अपडेट करती है और वीआईपी की गतिविधि उस हिसाब से बदल दी जाती है। साल 2021 में पंजाब के अंदर पाकिस्तान से आने वाले करीब 150 ड्रोन देखे गए। कई ऐसे भी रहे जिन्हें देखा ही नहीं गया। इनमें से कई ड्रोन टिफिन बम, हथगोले, पिस्तौर और कैश से भरे थे। अब गृह मंत्रालय की टीम ने पंजाब पुलिस की ओर से प्रधानमंत्री के दौरे के समय उठाए गए सुरक्षा कदमों के बारे में जानकारी मांगी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार पंजाब के फिरोजपुर में कई विकास परियोजनाओं की अधारशीला रखनी थी। इन परियोजनाओं की कीमत करीब 42 हजार 750 करोड़ रुपये के आसपास थी। गृह मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी बुधवार सुबह बठिंडा पहुंचे, जहां से उन्हें हेलीकॉप्टर में हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। हालांकि, बारिश की वजह से पीएम मोदी ने सड़क से जाने का फैसला लिया और मेमोरियल से करीब 30 किलोमीट दूर जब पीएम मोदी का काफिला फ्लाईओवर पर पहुंचा तो पता लगा कि वहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक रखा है। पीएम मोदी फ्लाईओवर पर करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। इसे पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला बुधवार को तकरीबन 20 मिनट तक बेहद असुरक्षित एरिया में खड़ा रहा। पंजाब में फिरोजपुर जिले के अंदर मुदकी के पास नेशनल हाईवे पर जिस जगह प्रधानमंत्री को रुकना पड़ा, वह अति संवेदनशील जोन है। यहां से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा महज 30 किलोमीटर दूर है। इस एरिया में लगातार टिफिन बम और अन्य विस्फोटक पदार्थ मिलते रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की विजिट के मद्देनजर पंजाब पुलिस को जिस तरह के इंतजाम करने चाहिए थे, ग्राउंड पर वह नजर नहीं आए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में लापरवाही गंभीर मामला है। इस तरह की घटना पूरी तरह अस्वीकार्य है। इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी। केंद्र ने पंजाब सरकार से इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

जलालाबाद कस्बे में पिछले साल विस्फोट हुआ था
जिस जलालाबाद कस्बे में 15 सितंबर 2021 में ब्लास्ट हुआ, वह भी फिरोजपुर के नजदीक है और एनआईए की जांच में साफ हो चुका है कि वह आतंकी हमला था। जलालाबाद ब्लास्ट के बाद एनआईए द्वारा टिफिन बम सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया गुरमुख सिंह रोडे इसी एरिया में पड़ रहे मोगा जिले के रोडे गांव का रहने वाला है, जो जरनैल सिंह भिंडरावाले की जन्मस्थली है।

फिरोजपुर पंजाब का बेहद संवेदनशील जिला
भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक बसे होने की वजह से फिरोजपुर पंजाब का बेहद संवेदनशील जिला है। यहां प्रधानमंत्री की रैली का ऐलान लगभग डेढ़ हफ्ते पहले हो गया था।

प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर अकाली और AAP ने भी चन्नी सरकार को घेरा- प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक को लेकर पंजाब की चन्नी सरकार पर तौरफा हमला हो रहा है। भाजपा के अलावा शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने भी सरकार की निंदा की है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लापरवाही बड़ी चूक को दर्शाता है। इससे साफ है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। ऐसे में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री को इस घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

प्रधानमंत्री को उच्च सुरक्षा देना राज्य की जिम्मेदारी: राघव चड्ढा
आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। पंजाब में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान जो कुछ हुआ, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। चड्ढा ने ट्वीट कर कहा कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन यह हर राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रधानमंत्री के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

सुरक्षा में चूक के से पंजाब का नाम हुआ खराब : मान
आम आदमी पार्टी के ही पंजाब प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक पर हैरानी जताते इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। मान ने आज यहां जारी बयान में इस घटना के लिए पंजाब की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया और ट्वीट कर कहा ‘पंजाब के हर व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की है। भले ही कितने भी राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक बेहद चिंताजनक है।’ उन्होंने चन्नी सरकार को बेहद अस्थिर और कमजोर बताया और इसकी वजह से ही राज्य में विस्फोट और बेअदबी की घटनाएं हो रही हैं। कांग्रेस की आपसी कलह की वजह से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था चरमरा चुकी है और इसका खामियाजा पंजाब के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। राज्य सरकार पंजाब और इसकी जनता की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। यह घटना स्पष्ट तौर पर सरकार की सुरक्षा और खुफिया तंत्र की विफलता है। राज्य सरकार की नाकामी के कारण पंजाब का नाम पूरे देश में खराब हुआ है।

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