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न्यायालय के आदेश पर फायर एण्ड सेफ्टी डिजास्टर मैनेजमेंट इन्सटीट्यूट भिलाई के डायरेक्टर और आदर्श शिक्षा समिति के पदाधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

भिलाई। सोमवार को वैशाली नगर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर राहुल सोनी, डायरेक्टर फायर एण्ड सेफ्टी डिजास्टर मैनेजमेंट इन्सटीट्यूट भिलाई व आदर्श शिक्षा समिति पदाधिकारी एवं सदस्यगण के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। वैशाली नगर थाना प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय माननीय लोकेश पटेल न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी के आदेश पर राहुल सोनी, डायरेक्टर फायर एण्ड सेफ्टी डिजास्टर मैनेजमेंट इन्सटीट्यूट भिलाई व आदर्श शिक्षा समिति पदाधिकारी एवं सदस्यगण के खिलाफ अपराध क्रमांक 09/2023,
धारा 120 बी., 420, 384, 511, 34 भादवि के अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

प्रार्थी दुर्गेश कुमार चौधरी आ. सुरेश चौधरी आयु 28 साल निवासी भारत सीट कव्हर अन्नपूर्णा मार्केट प्रगति नगर केम्प 1 भिलाई तह व जिला-दुर्ग ने बताया कि राहुल सोनी डायरेक्टर, फायर एण्ड सेफ्टी डिजास्टर मैनेजमेंट इन्सटीट्यूट भिलाई तह. व जिला-दुर्ग छ.ग. 02. आदर्श शिक्षा समिति पदाधिकारी एवं सदस्यगण इंदिरा गांधी स्कुल, रामनगर राजेन्द्र चौक सुपेला भिलाई तह. व जिला-दुर्ग छ.ग. द्वारा स्वयं की एफ.एस.डी.एम.आई. एण्ड आर्थो राइड्स ट्रेनिंग प्रोव्हाइडर भारत सरकार की संस्था बताकर विभिन्न तकनीकी कोर्सेस का विवरण इंस्टिट्यूट द्वारा पाम्पलेट में जारी कर जन समुदाय के बीच वितरित किया गया तथा इंटरनेट पर भी ततसंबंध में विज्ञापन जारी किया गया एवं सभी वर्गों से निःशुल्क प्रशिक्षण दिए जाने का वादा/करार किया गया।

एक अन्य प्रपत्र व्यवसायिक शिक्षा मिशन की हेडिंग देकर उसमें अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण सरकारी नियमानुसार अंकित कर विभिन्न तकनीकी कोर्स का अंकित कर अपराध का षडयंत्र रचकर उसे क्रियाविन्त करते हुए शिक्षित वर्ग के जन समुदाय से प्रशिक्षण हेतु आवेदन पत्र आमांत्रत किए। इंस्टिट्यूट द्वारा कारित किए गए उक्त अपराधिक कृत्य छल के झांसे में आकर आवेदक ने स्वयं की जाति मोची जाति का प्रमाण पत्र सलंग्न कर प्रशिक्षण हेतू आवेदन पत्र इंस्टिट्यूट के कार्यालय मे प्रस्तुत किया। इंस्टिट्यूट द्वारा प्रार्थी दुर्गेश कुमार चौधरी की ओर से प्रस्तुत आवेदन एवं संलग्न दस्तावेजो का सुक्ष्म परीक्षण किया गया उसके पश्चात् प्रार्थी से प्रशिक्षण का शुल्क जमा कराकर तत्संबंध मे पावती भी प्रदत्त की इस पर आवेदक ने आपत्ति लेते हुए स्पष्ट किया कि आपके द्वारा जारी प्रपत्र मे निःशुल्क प्रशिक्षण कि व्यवस्था का विवरण अंकित है, जिस पर इंस्टिट्यूट ने कथन किया कि यह सब हम लोगो ने आवेदकगणो को लुभाने के लिए किया है, हम तो फीस लेगे।

इंस्टिट्यूट ने प्रार्थी से भिन्न भिन्न समय पर लगभग 29500 रूपये है और रसीद मात्र 24500 रूपये का दिये। 5000 रूपये का कोई रसीद प्रार्थी को संस्था द्वारा नहीं दिए गए तथा फीस के नाम पर रकम प्राप्त कर धोखाधडी की। प्रशिक्षण उपरान्त प्रार्थी के साथ पुनः छल कर आवेदक को बी.एस. एस. चेन्नई मुल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र नही दिया गया एक तदर्थ प्रमाण पत्र स्वरूप दस्तावेज दिया गया परन्तु उसमे किसी प्राधिकृत अधिकारी का सील व संस्था का क्रमांक अंकित नही है जिसको न्यायलय ने प्रार्थी के साथ हुए धोखाधडी का प्रत्यक्ष प्रमाण मानते हुए अपराध दर्ज करने के लिए वैशाली नगर पुलिस को आदेशित किया है।

दस्तावेज…

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