दुर्ग। दुर्ग जिले में नशे की बढ़ते चलन को देखते हुए राजेश श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा उक्त गंभीर विषय के संबंध में संज्ञान लेते हुए एक विशेष टीम गठित की गई है जिसमें संतोष ठाकुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, राहुल शर्मा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी के द्वारा संदिग्ध स्थानों में औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी कड़ी में उक्त गठित टीम के द्वारा गिरधारी नगर एवं शंकर नगर का निरीक्षण किया गया जिसमें कुछ व्यक्ति नशे की हालत में पाए गए जिन्हें समझाइश देकर एवं बंधपत्र भरवा कर छोड़ा गया । इन स्थानों से निरंतर कई बार आमजन के द्वारा यह शिकायत प्राप्त होती थी के कुछ व्यक्ति उनके घर के आस-पास एवं क्षेत्र में नशीली वस्तु का सेवन करते हैं जिससे कि वहां का माहौल महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं लगता परेशानी भी होती है। उक्त निरीक्षण दुर्ग जिले में स्थित विभिन्न एवं संदिग्ध स्थानों में निरंतर जारी रहेगा।
संतोष ठाकुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा नशा सभी अपराधों की जड़ है और विशेषतौर पर युवा पीढ़ी की कामयाबी में नशा बड़ी बाधा है। इससे शारीरिक के साथ आर्थिक नुकसान भी होता है। नशा करने वाला व्यक्ति नशे की पूर्ति के लिए किसी भी प्रकार का अपराध कर सकता है। विशेष अभियान के अंतर्गत लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे मे जागरूक कर नशा छोड़ने की अपील की।
नशा मुक्त अभियान के तहत इस बुराई को समाप्त करने के लिए समाज को एकजुट होना होगा। शराब की तुलना कीचड़ के पानी से करते हुए कहा कि जिस तरह हम कीचड़ युक्त पानी का सेवन नहीं करते हैं उसी तरह शराब का भी सेवन बुरी चीज है। नशा जहां स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है वहीं घर-परिवार की सुख-शांति छीन लेती है।
बच्चों के भविष्य को चौपट कर देती है। शराब मुक्त समाज निर्माण के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। परिश्रम कर जो कमाते हैं उसे शराब में बर्बाद न कर परिवार के हित में सदुपयोग करें।















