अन्तर्राज्यीय सेक्सटार्सन गिरोह का सदस्य वर्ग पुलिस के हत्थे चढ़ा, नाबलिंग लड़कियों से सोशल मीडिया में दोस्ती कर देता था अपराध को अंजाम, चैटिंग के दौरान रिकार्ड कर लेता था अश्लील फोटो/वीडियों, फोटो वायरल कर देने की धमकी देकर करता था पैसों की मांग, घटना में प्रयुक्त मोबाईल बरामद एक आरोपी गिरफ्तार, आरोपी को राजस्थान के जलौर से किया गया गिरफ्तार…
दुर्ग। दिनांक 06.01.2022 को गया नगर दुर्ग निवासी एक महिला के द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई कि मोबाईल नंबर 7728922620 एवं 7976849663 के धारक जयंती रोहिण निवासी राजस्थान के द्वारा उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ फ्री फायर गेम खेलने के दौरान दोस्ती कर वीडियो कॉलिंग वाट्सअप चैटिंग के माध्यम से चैटिंग करने के दौरान बहला-फुसलाकर अश्लील प्रायवेट फोटो/वीडियो बनाकर परिवारजनों एवं परिचितों को फर्जी इस्टाग्राम आईडी बनाकर फोटो/वीडियों भेजकर पैसा नहीं देने पर सार्वजनिक रूप से वायरल कर देने की धमकी दे रहा है कि रिपोर्ट पर उक्त मोबाईल नंबर के धारक जंयती रोहिण के विरूद्ध अपराध क्रमांक 28/22 धारा 509 ख 386 भादवि 12 पास्को एक्ट , 67 बी आईटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
उक्त घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बद्रीनारायण मीणा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव, नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग जितेन्द्र यादव, उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) नसर सिद्धकी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर आरोपी की शीघ्र पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु लगाया गया।
सायबर सेल से उक्त मोबाईल नंबर एवं इस्टाग्राम आईडी के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। जिसमें आरोपी का पता ग्राम कोटकस्ता थाना रामसीन जिला जालौर (राजस्थान) का होना ज्ञात हुआ। सायबर सेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर टीम द्वारा आरोपी की पहचान सुनिश्चित कर एक विशेष टीम को रवाना किया गया। जालौर राजस्थान में टीम लगातार आरोपी की पतासाजी करती रही एवं आरोपी अपना ठिकाना बदल कर लुक छिप रहा था।
जिसे 03 दिनों तक लगातार पीछा करने के उपरांत उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई एवं आरोपी से अपराध में प्रयुक्त मोबाईल जप्त कर ट्रांजिट रिमाण्ड लेकर लाया गया है । अग्रिम कार्यवाही थाना दुर्ग से की जा रही है। उक्त कार्यवाही में थाना दुर्ग के उप निरीक्षक मुकेश सोरी , प्रधान आर. 334 योगेश चन्द्राकर, आरक्षक 518 कांति शर्मा, आर. सचिन सिंह एवं सायबर सेल के सुरेश चौबे, निखिल साहू एवं विजय शुक्ला की उल्लेखनीय भूमिका रही।















