नए विधेयक का उद्देश्य भारत के समाचार पत्र रजिस्ट्रार के पास समाचार पत्रों के पंजीकरण के लिए सरल ऑनलाइन प्रणाली प्रदान करना है…
नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रेस और पत्रिकाओं के पंजीकरण विधेयक को मंजूरी दे दी। इसमें प्रकाशकों के खिलाफ मुकदमा चलाने और कारावास के प्रावधान को खत्म करने और पत्रिकाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रावधान है।
प्रेस और पत्रिकाओं का पंजीकरण विधेयक, प्रेस एवं पुस्तकों के पंजीकरण (पीआरबी) अधिनियम, 1867 की जगह लेगा जो देश में प्रिंट और प्रकाशन उद्योग के पंजीकरण को नियंत्रित करता है। नए विधेयक का उद्देश्य भारत के समाचार पत्र रजिस्ट्रार के पास समाचार पत्रों के पंजीकरण के लिए सरल ऑनलाइन प्रणाली प्रदान करना है।
पारदर्शिता लाना उद्देश्य विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता और व्यापार करने में आसानी लाना है। यह एक ऐसी प्रक्रिया प्रदान करेगा जो मानव इंटरफेस के बिना एक ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से सरल है। इस कदम से छोटे और मध्यम प्रकाशकों को मदद मिलेगी। विधेयक उन दो प्रावधानों को भी खत्म करता है जिनके लिए प्रकाशकों और मुद्रकों को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष घोषणा पत्र दाखिल करना आवश्यक था।









