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ध्वनि विस्तारक यंत्रो का प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रतिबंधित, 07 दिवस के भीतर पुलिस स्टेशन में शस्त्र जमा करने के निर्देश

दुर्ग। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के द्वारा लोकसभा निर्वाचन-2024 के लिये कार्यक्रम जारी किये जाने के साथ ही जिले के आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो चुकी है। निर्वाचन के दौरान सभी राजनैतिक दल, उनके कार्यकर्ता तथा उनसे सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति अपने दल के प्रचार-प्रसार के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग करते हैं। इन ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग, न केवल स्थायी रूप से होता है, विभिन्न वाहनों जैसे जीप, कार, ट्रक, टेम्पो तिपहिया स्कूटर सायकल रिक्शा आदि पर घूम-घूम कर या स्थिर रखकर भी होता है। ये वाहन सभी गलियों, सड़कों एवं उपगलियों पर चलते हैं तथा गांव बस्तियों मोहल्लों एवं कालोनियों से बहुत ऊंची आवाज लाउड स्पीकरों से प्रसारण करते हुए जाते हैं। लाउड स्पीकरों पर अप्रतिबंधित रूप से किये जाने वाले शोरगुल से वृद्ध, दुर्बल, बीमार व्यक्ति को चाहे वह किसी चिकित्सालय संस्थान में हो या घर में हो बहुत परेशानी होती है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी ने निर्वाचन अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग को नियंत्रित करने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 04 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तथा नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जाना अथवा करवाया जाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया है। आदेशानुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग, चुनाव प्रचार करने के लिए वाहनों पर एवं चुनावी सभाओं में नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही समक्ष अधिकारी की अनुमति पश्चात किया जा सकेगा, किन्तु ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होंगे एवं मध्यम आवाज में ही प्रयोग किये जाएंगे।

लोक परिशांति को देखते हुए लंबे चोंगे वाले लाउड स्पीकरों का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। वाहनों एवं चुनावी सभाओं में एक से अधिक लाउड स्पीकर समूहों में लगाया जाना भी प्रतिबंधत किया गया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त कर सामान्य तौर पर शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालय, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय छात्रावास, नगर पालिक परिषद, जनपद पंचायत एवं किसी अन्य स्थानीय निकाय कार्यालय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, दूरभाष केन्द्र आदि से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सामान्य स्थिति में भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति दिनांक तक संपूर्ण जिले में प्रभावशील रहेगा। आदेश तत्काल प्रभावशील हो गई है।

शस्त्र लायसेंसी 07 दिवस के भीतर पुलिस स्टेशन में जमा करेंगे शस्त्र: जिला दंडाधिकारी एवं अनुज्ञापन प्राधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी ने लोकसभा निर्वाचन 2024 हेतु चुनाव प्रक्रिया के दौरान भय एवं आतंक का वातावरण तथा अस्त्रों के संभावित दुरुपयोग को रोकने एवं निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करने हेतु तथा लोक शांति की सुरक्षा एवं आम व्यक्ति की सुरक्षा की दृष्टि से आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील होने की तिथि से सीमित अवधि के लिए दुर्ग जिला अंतर्गत समस्त क्षेत्र में आग्नेय अस्त्र लायसेंसियों को अस्त्र जमा करने के निर्देश दिए है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 17 उपधारा (3) के उप क्लाज (बी) धारा-21 के तहत दुर्ग जिले अंतर्गत समस्त क्षेत्र मे रहने वाले सभी शस्त्र लायसेंसियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने आग्नेय अस्त्र-शस्त्र नजदीकी पुलिस स्टेशन में 07 दिवस के अंदर जमा करायें। इसके अतिरिक्त लायसेंसी अपने शस्त्र संबंधित शस्त्र डीलर, जिनके पास शस्त्र डिपोजिट करने अनुज्ञप्ति है, यहां भी जमा कर सकते है। जो व्यक्ति शस्त्र डीलर के पास शस्त्र जमा करते हैं, उसकी सूचना भी संबंधित थाने में प्रदान करेंगे।

संबंधित शस्त्र डीलर थानेवार जानकारी तैयार कर संबंधित थाने एवं जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। यह आदेश जिले में निवासरत् सभी लायसेंसी तथा बाहर के जिले से आये लायसेंसी पर भी लागू होगा। सभी लायसेंसी आचार संहिता समाप्त होने के उपरांत अपने शस्त्र वापस प्राप्त कर सकेंगे। इस हेतु गठित जिला कमेटी द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार आदेश से समस्त मान्यता प्राप्त बैंकों के सुरक्षा गार्ड/वित्तीय संस्थाओं के सुरक्षा गार्ड, संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, राष्ट्रीय रायफल संघ व जिला रायफल संघ तथा इस जिले के औद्योगिक संस्थानों शैक्षणिक संस्थानों एवं महत्वपूर्ण शासकीय संस्थानों के सुख्क्षा हेतु तैनात सुरक्षा गार्ड मुक्त रहेंगे।

जिला दंडाधिकारी के आदेशानुसार ऐसे अनुज्ञप्तिधारी व्यक्ति, जिनके पास सुरक्षा के लिहाज से शस्त्र होना अति आवश्यक है। अनुज्ञप्तिधारी के आवेदन पर कमेटी द्वारा विचार उपरांत इस आदेश से मुक्त रखने अथवा नहीं रखने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। जिला कमेटी को दिये जाने वाले आवेदन कलेक्टर परिसर में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग के कक्ष कमांक 31 में दिया जाएगा। वे सभी अनुज्ञप्तिधारी, जिन्हें आदेश से मुक्त रखा गया है, को भी अपने अस्त्र-शस्त्र की सूचना संबंधित थाने में आवश्यक रूप से तत्काल देनी होगी तथा अपने अस्त्र बिना थाना प्रभारी की अनुमति के अपने परिसर की सीमा क्षेत्र से बाहर नहीं ले जा सकेंगे। 16 मार्च 2024 से निर्वाचन प्रक्रिया की संमाप्ति (लोकसभा निर्वाचन 2024) तक के लिए दुर्ग जिला सीमा क्षेत्र के भीतर रहने वाले शस्त्र लायसेंसियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित किए गए हैं।

संबंधित थाना प्रभारी एवं संबंधित शस्त्र डीलर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह जमा किये जाने वाले शस्त्र का उचित रूप से पंजी बनाकर उसमें जमा किये जाने वाले शस्त्रों का इंद्राज करेंगे और शस्त्र जमा करने वालों को इस संबंध में पावती देंगे जमा कराये गये शस्त्रों को समुचित रूप से अपने अभिरक्षा में सुरक्षित रखेंगे एवं निर्वाचन प्रक्रिया के समाप्ति के पश्चात् एक सप्ताह के अंदर संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों को शस्त्र लौटाना सुनिश्चित करेंगे। आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

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