दुर्ग। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने हेतु किए जा रहे भौतिक सत्यापन में गंभीर खामियां पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिले की सेवा सहकारी समिति मर्यादित खिलोराकला (प.क्र. 3326) में अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण और पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से कुल 112.80 क्विंटल (282 बोरा) धान अधिक पाया गया, जिसमें 72.40 क्विंटल मोटा धान और 40.40 क्विंटल सरना धान शामिल है।
इसी प्रकार, सेवा सहकारी समिति मर्यादित कन्हारपुरी (प.क्र. 2512) के भौतिक सत्यापन में भी भारी विसंगति मिली, जहाँ कुल 181 बोरा अतिरिक्त धान पाया गया और स्टॉक में मोटा धान (+437 बोरा) तथा सरना धान (-258 बोरा) के आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया।
इन दोनों ही केंद्रों पर धान की स्टेकिंग अव्यवस्थित पाई गई, जो शासन की धान खरीदी नीति का स्पष्ट उल्लंघन है। इस घोर लापरवाही और छत्तीसगढ़ सेवा नियम 2018 के नियम 16.4 के अंतर्गत ’दुराचरण’ की श्रेणी में आने वाले आचरण के परिप्रेक्ष्य में, सक्षम प्राधिकारियों ने खिलोराकला के समिति प्रभारी देवदत्त पटेल और कन्हारपुरी के समिति प्रभारी सेवाराम पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
अब तक 1,99,519.56 मे. टन धान की हुई खरीदी
दुर्ग। राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी में तेजी आ रही है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। जिसके तहत अब दिन-रात कभी भी मोबाईल एप तुंहर टोकन के माध्यम से किसानों को धान बेचने के लिए टोकन मिलने लगा है। किसानों के लिए यह बड़ी सहुलियत है कि उनके लिए तुंहर टोकन एप अब 24 घंटे उपलब्ध है। अब मोबाईल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नही है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार पहुंच रहे हैं। जिले में 17 दिसंबर तक 47,301.90 लाख रूपए की लागत से 1,99,519.56 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 37957 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। जिससे अब दूसरे किसानों को धान बेचने का अवसर मिला है। उठाव हेतु 32,281.20 मे. टन धान का डीओ/टीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 22,274.00 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है।
सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 15042 लघु कृषकों ने 273.93 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 38,69,521 बारदाने उपलब्ध है।
















