बताया जाता है कि यहां फाटक गिराने वाला कोई नहीं है, यह सिलसिला विगत कुछ वर्षों से चल रहा है…
सीवान (ए)। बरौनी से समस्तीपुर के लिए चली अमरनाथ एक्सप्रेस गुरुवार की सुबह रास्ता भटक गई और विद्यापतिनगर पहुंच गई। फिर ट्रेन को रिटर्न किया गया। अब एक दूसरा मामला बिहार के सीवान का है जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे. मामला रेलवे फाटक से जुड़ा है. दरअसल, किसी भी रेलवे फाटक के पास ट्रेन के आने का समय होता है तो उससे कुछ समय पहले वहां का गेटमैन फाटक को बंद कर देता है, लेकिन सीवान में ट्रेन से उतरकर रेलवे के ही कर्मचारी को फाटक बंद करना पड़ता है। यह वीडियो सीवान-मशरक रेलखंड स्थित महाराजगंज रगड़गंज ढाला है।
बताया जाता है कि यहां फाटक गिराने वाला कोई नहीं है. यह घटना कैमरे में कैद हो गया जिसका वीडियो वायरल भी हो रहा है. रगड़गंज ढाला के नजदीक रहने वाले कुछ स्थानीय लोगों की मानें तो यह सिलसिला विगत कुछ वर्षों से चल रहा है. लोगों ने बताया कि इतना ही नहीं कभी-कभी तो बिना फाटक गिराए ही ट्रेन क्रॉस हो जाती है।
अगर किसी दिन घटना हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? लोगों ने बताया कि ट्रेन फाटक के कुछ दूर पहले रोक दी जाती है. कर्मचारी फाटक गिराने के बाद ट्रेन के चालक को इशारा करता और ट्रेन फाटक पार कर जाती है. इस लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या कहते हैं रेलवे के अधिकारी? इस पूरे मामले पर जब वाराणसी रेलवे विभाग के जनसंपर्क पदाधिकारी अशोक कुमार से बात हुई तो उन्होंने बताया कि इसे सिंगल ट्रेन सिस्टम कहते हैं. यह जहां भी होता है नियम संगत ही होता है. उन्होंने कहा कि हमारे यहां नियम है कि ट्रेन को रोक कर समपार फाटक को बंद किया जाएगा। वहीं गोरखपुर रेलवे सीनियर सेक्शन इंजीनियर उपेंद्र सिंह ने बताया कि महाराजगंज-मशरक रेल रूट पर कोई भी क्रॉसिंग स्टेशन नहीं है. इसी वजह से ट्रेन रोक कर ही फाटक गिराया जाता है. यह भी समस्या बहुत जल्द दूर हो जाएगी।
'अजूबा' मतलब… कहिए बिहार! बरौनी से समस्तीपुर के लिए चली ट्रेन रास्ता भटक जाती है. कुछ दिनों पहले सीवान में ट्रेन का पायलट चाय लेने चला गया. अब ये देखिए यहां खुद ही पायलट फाटक गिरा रहा है… आपको अजूबा लगेगा. वीडियो सीवान मशरख रेलखंड पर स्थित महाराजगंज के रगड़गंज ढाला का है. pic.twitter.com/dR0kjDOL3d
— Prakash Kumar (@kumarprakash4u) August 5, 2022















