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देश और समाज के सर्वांगीण विकास में पुलिस का अहम योगदान होता है : एसपी प्रशांत अग्रवाल

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। युवा देश के भविष्य होते है, इनकी तरक्की ही देश को आगे ले जाती है। युवा अपने लाइफ के शुरुआती समय मे जितना मेहनत करते है उसी के आधार पर उनके आगे का भविष्य का निर्माण होता है। उनका यह समय एनर्जेटिक होता है अगर यह समय नशे या अन्य सामाजिक बुराइयों में निकाल देंगे तो आगे उन्हें बहुत तकलीफ होता है। जब उन्हें इस बात का एहसास होता है कि जब कुछ करने का समय था तब मैंने अपने बहुमूल्य समय को व्यर्थ में गवा दिया। युवा लाइफ को एंजॉयमेंट भी करे पर भटके ना, समय का सदुपयोग करें। आपके लिए कौन सा कैरियर सही है, लोगो से एडवाइस ले पर निर्णय आप स्वयं करें कि आप यह कर सकते है, किसी के दबाव में निर्णय ना ले। युवाओं के लिए यही संदेश है कि अच्छे से पढ़ाई-लिखाई कर अच्छे इंसान बने और देश और समाज की सेवा में आना अहम योगदान दे।
यह सब बातें दुर्ग जिला के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर और आगे की योजनाओं की जानकारी हमसे साझा की।

एसपी प्रशांत अग्रवाल छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला के भैयाथान से है। इनकी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा पांचवी तक, भैयाथान के सौरभ विद्या मन्दिर स्कूल में हुई। कक्षा छठवीं से बारहवीं तक कि शिक्षा इन्होंने बसदेई (सरगुजा) के नवोदय विद्यालय से पूरी की। इन्होंने वर्ष 2006 में आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल में इंजीनियरिंग करने के बाद यूपीएससी की तैयारियों में जुट गए। अपने दूसरे ही प्रयास में इन्होंने वर्ष 2008 के यूपीएससी एग्जाम में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए।

राष्ट्रीय पुलिस एकेडमी, हैदराबाद में ट्रेनिंग के पश्चात बतौर प्रशिक्षु कांकेर जिला में पोस्टिंग हुई। उनके बाद इन्हें एसडीओपी नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई जहाँ इन्होंने डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी। जनवरी 2012 से मई 2012 तक इन्होंने पांचवी बटालियन, जगदलपुर में कमांडेंड के पर अपनी सेवाएं दी उसके बाद इन्हें पुलिस अधीक्षक, कोंडागांव की जिम्मेदारी दी गई। जून 2012 से जून 2014 तक पुलिस अधीक्षक, बीजापुर के पद पर पदस्थ रहे। जून 2014 से जून 2016 तक पुलिस अधीक्षक, जांजगीर-चांपा के पद पर सेवाएं दी। जून 2016 से अगस्त 2018 तक पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव के पद पर पदस्थ रहे। अगस्त 2018 से फरवरी 2019 तक पुलिस अधीक्षक, बलौदाबाजार के पद पर पदस्थ रहे। फरवरी 2019 से जून 2019 तक पुलिस मुख्यालय, रायपुर में एआईजी (सायबर) के पद अपनी सेवाएं दी। जून 2019 से जून 2021 तक पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर की जिम्मेदारी निभाई। जून 2021 में इन्हें मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृह जिला की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे यह जिम्मेदारी के साथ निभा रहे है।

एसपी प्रशांत अग्रवाल को बीजापुर पदस्थापना के दौरान राष्ट्रपति वीरता पदक (गैलेण्डरी अवार्ड) से सम्मानित किया जा चुका है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के डीजी डिस्क अवार्ड से भी इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रहते हुए इन्होंने सायबर जागरूकता अभियान “सायबर मितान” कार्यक्रम चलाया था जो कि गोल्डन बुक्स ऑफ रिकार्ड में दर्ज है।

घूमने-फिरने और परिवार के साथ समय बिताने में विशेष रुचि रखने वाले एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पढ़ाई के दौरान यूपीएससी एग्जाम के बारे में सुना था, देश और समाज के सर्वांगीण विकास में पुलिस का अहम योगदान होता है, मैंने भी समाज के लिए अच्छा काम करने, पीड़ितों को न्याय दिलाने और सामाजिक बुराइयों को खत्म के उद्देश्य लिए आईपीएस बना और उसी उद्देश्य के साथ काम करता हूँ। प्रत्येक पुलिस वाले कि समाज के प्रति बड़ी भूमिका होती है, जिन्हें वह विविध रूपो में पूर्ण करने का प्रयास करते है।
दुर्ग जिला में काम करने को लेकर योजनाएं चल रही है, सबसे पहले सामाजिक बुराइयों पर नकेल कसा जा रहा है। ऐसा होता है कि छोटी सी घटना से बड़ी वारदात हो जाती है इसलिए इन अपराधों में कमी लाने की कोशिश की जा रही है।

बेसिक पुलिसिंग को इम्प्रूव करने पर फ़ोकस, क्राइम प्रिवेन्शन पर ज़ोर, थाना प्रभारियो को अवैध कारोबार जैसी सामाजिक बुराइयों और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने, युवाओं को नशे और अपराध की तरफ़ से जाने से रोकने का हर सम्भव प्रयास करें, सभी पुलिस अधिकारी टीमवर्क की भावना से काम करें। कामों में चुस्ती लाएँ, सक्रिय रहें। घटनाओं में स्लो रेस्पॉन्स वाले सुस्त अधिकारियों के लिए जगह नहीं, फ़रियादीयो कि साथ अच्छा व्यवहार हो, घटनाओं और कंप्लेंट्स में फ़र्स्ट रेस्पॉन्स इम्प्रूव करें।महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों में अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करें, विवेचना पूर्ण कर चालान पेश किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस के वर्क कल्चर इम्प्रूव करने और कार्यों में और प्रोफेशनलिज्म लाने का प्रयास रहेगा।

ट्रैफ़िक की समस्या के सम्बंध में पूर्व के अधिकारियों ने भी इस विषय पर काम किया है, उनके अच्छे प्लान को आगे बढ़ाएँगे, और समस्याओं का रिव्यू करते हुए सभी स्टोकहोल्डर से मिलकर ट्रैफ़िक को स्मूथ रखने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के द्वारा चिट फंड प्रकरणों में रक़म वापसी की प्रक्रिया के निर्देश दिए गए हैं, इन प्रकरणों की रेगुलर समीक्षा कर इस प्रक्रिया में और गति लायी जाएगी।

पुलिस थानों और शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। ज़िले की समस्याओं को समझ कर प्राथमिकताएँ तय की जाएँगी। चोरी, नक़ब्ज़नी, महिला सम्बन्धी अपराध, साइबर अपराध जैसे अपराधों में कमी लाने के लिए कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करेंगे। जिसका रिजल्ट आने वाले दिनों में देखनो को मिलेगा।

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