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देव दिवाली पर 22 लाख दीयों से जगमगाए काशी का घाट, लगा जैसे धरती पर उतर आया स्वर्ग

काशी विश्वनाथ धाम को कोलकोता, बेंगलुरु और विदेशों से आ रहे 11 टन फूलों से सजाया गया है, इस बार काशी में गुरु नानक देव, भगवान बुद्ध, संत रविदास और अयोध्या में राम मंदिर की थीम पर रंगोली और सवाजट की गई है…

वाराणसी (ए)। वाराणसी में जैसे-जैसे शाम हुई शहर स्वर्ग सा नजर आने लगा। दोपहर से ही लोग घाटों पर देवों की दिवाली देखने के लिए जम गए। दीयों से घाट जगमगा उठे। उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर 85 घाटों पर 12 लाख और जन सहभागिता से लगभग कुल 22 लाख दीप काशीवासी के घाटों, कुंडों, तालाबों और सरोवरों पर जलाए गए। पर्यटक गंगा पार रेती पर शिव के भजनों के साथ क्रैकर्स शो का भी आनंद ले सकेंगे। गंगा द्वार पर लेजर शो के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम पर आधारित काशी का महत्व और कॉरिडोर के निर्माण संबंधित जानकारी लेजर शो के माध्यम से दिखाई गई।

देव दीपावली पर जगमगाये घाट देव दीपावली पर घाटों पर दीये अलौकिक छटा बिखेर रहे हैं। जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गये। शूलटंकेश्वर घाट पर बीना पब्लिक स्कूल लठिया के छात्र छात्राओं ने दीपदान किया। दीपदान के बाद मां गंगा की भव्य आरती की।

प्राचीन शिव धाम मंदिर दरेखू बाणासुर मंदिर नरउर, मोहनसराय तालाब, भगवती माता मंदिर अखरी पर लोगों ने दीपदान किया। वहीं देव दीपावली पर लोगों ने अपने घरों व मंदिरों को दीयों से आकर्षक ढंग से सजाया। मानों धरती पर तारे जगमगा रहे हों।

देव दिवाली के लिए प्रदेश के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे। विश्वविख्यात काशी की देव दीपावली का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नमो घाट से किया। यहां मुख्यमंत्री 70 देशों के राजदूत और विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पहला दीप जलाया। इसके बाद बाकी घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन शुरू हुआ।

काशी विश्वनाथ धाम को कोलकोता, बेंगलुरु और विदेशों से आ रहे 11 टन फूलों से सजाया गया है। इस बार काशी में गुरु नानक देव, भगवान बुद्ध, संत रविदास और अयोध्या में राम मंदिर की थीम पर रंगोली और सवाजट की गई है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि गंगा द्वार पर लेजर शो की अवधि 5 मिनट की होगी, जो कई बार प्रसारित होगा। प्रोजेक्शन मैपिंग व लेजर लाइट शो नौकायन करते हुए और घाट पर खड़े सैलानी इसे आसानी से देख सकें।

 

गंगा के दूसरी ओर पर्यटक ग्रीन आतिशबाजी का लुत्फ उठाएंगे। गंगा द्वार के दूसरी ओर रेत पर शिव के भजनों और धुनों पर आतिशबाजी की जाएगी। रेत पर लगभग एक किलोमीटर के स्ट्रेच पर ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो होगा। भगवान शिव के ऊपर बने हर-हर शंभू, शिव तांडव स्त्रोत आदि भजनों के 9 से 10 ट्रैक पर आतिशबाजी होती। शो में पटाखे लगभग 60 से 70 मीटर ऊंचाई तक जाते हैं, जो काफी दूर से दिखाई देते हैं।

गंगा सेवा निधि की ओर से घाट पर सुरक्षा की दृष्टि से 24 सीसी कैमरे लगवाए गए हैं। सहयोग में भारत सेवा श्रम संघ के 100 स्वयंसेवक व गंगा सेवा निधि के 100 वालेंटियर उपस्थित रहे साथ ही राजकीय चिकित्सालय द्वारा चिकित्सकों की टीम व एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।

 

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